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100 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में एक और रिपोर्ट दर्ज

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100 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में एक और रिपोर्ट दर्ज
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गाजियाबाद। रेड एप्पल, आइडिया बिल्डर, मंजू जे होम्स कंपनी बनाकर की गई 100 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में नंदग्राम थाने में आरोपियों के खिलाफ एक और रिपोर्ट दर्ज हुई है। दिल्ली निवासी विवेक सचदेवा के साथ आरोपियों ने 37.96 लाख की धोखाधड़ी की है। बिल्डर ने उन्हें फायदे का सौदा बताकर फ्लैट बुक करवा दिया। इसके बाद फ्लैट बुकिंग व अन्य शुल्क के नाम पर 8.46 लाख रुपये भी ले लिए। आवंटी को बिना जानकारी दिए स्टेट बैंक ऑफ पटियाला इंदिरापुरम के अधिकारियों से सांठगांठ करके 29.50 लाख रुपये लोन भी ले लिया। मामले में नंदग्राम थाने में अभी तक 75 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी है और 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब इसमें एसआईटी जांच कर रही है।
दिल्ली रोहिणी निवासी विवेक सचदेवा का कहना है कि रेड एप्पल ग्रुप के एजेंटों ने उन्हें प्रोजेक्ट के कागज व योजना दिखाकर विश्वास में ले लिया। इसी के साथ उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला इंदिरापुरम द्वारा फ्लैट पर लोन देने की सुविधा का भी लालच दिया। 2015 में 35 लाख रुपये का फ्लैट बुक करके 8.46 लाख रुपये बुकिंग व अन्य शुल्क के नाम पर बिल्डर को दे दिए। बुकिंग के 11 महीने बाद फ्लैट पर कब्जा देने का भी वादा किया गया था। इसके बाद बिल्डर ने उनके फ्लैट पर सांठगांठ करके 29.50 लाख रुपये लोन करा लिया और कहा कि जब तक फ्लैट पर कब्जा नहीं मिलेगा तब तक बिल्डर इसकी किस्त जमा करेंगे।
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आवंटी का कहना है कि तय समय में जब उन्हें फ्लैट नहीं मिला तो उन्होंने फ्लैट पर कब्जे के बारे में जानकारी की और रुपये वापस मांगे तो बिल्डर जान से मारने की धमकी देने लगा।
ग्रुप के साथियों को ही बनाया बैंक में गारंटर
बिल्डर प्रतीक जैन, अक्षय जैन, निखिल जैन, इंदु जैन, नमन जैन, विरेंद्र जैन, राजकुमार जैन, रिषभ जैन, अनुशा जैन, प्रवीण मित्तल, मुकेश गोस्वामी के साथ स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। आरोप है कि मामले में बिल्डर ने लोन कराते समय अपने ही ग्रुप के साथियों को बैंक लोन कराने में गारंटर बनाया था।
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जीडीए से पास नक्शे से विपरीत फ्लैट बुकिंग की हुई पुष्टि
धोखाधड़ी के मामले में एसआईटी जांच में जुटी है। एएसपी आकाश पटेल ने जीडीए से दोनों प्रोजेक्ट के बारे में रिपोर्ट मांगी। एएसपी आकाश पटेल ने बताया कि जीडीए से मिली रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि बिल्डर पर लगाए गए आरोप सही हैं। जीडीए द्वारा मोरटा के प्रोजेक्ट को सात मंजिल और राजनगर एक्सटेंशन के प्रोजेक्ट की 11 मंजिल की अनुमति ली थी। जिसमें फर्जीवाड़ा करके बिल्डर इससे ऊपरी मंजिल के भी फ्लैट बुक कर दिए। एएसपी ने बताया कि मामले में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत की जांच की जा रही है। साथ ही चार्जशीट लगाने की तैयारी की जा रही है।
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