50 रुपये के विवाद में हुई हत्या में दो को आजीवन कारावास
गाजियाबाद। 20 साल पहले 50 रुपये के लेन-देन के मामले में हुई हत्या में दो दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना में शामिल एक आरोपी फरार है और एक की मुकदमे के विचारण के दौरान मौत हो गई थी। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट अरविंद कुमार यादव प्रथम की अदालत ने दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
संयुक्त निदेशक अभियोजन अनिल कुमार उपाध्याय ने बताया कि साहिबाबाद थाना क्षेत्र स्थित पप्पू कॉलोनी निवासी रिंकू ने चिंचू को 50 रुपये उधार दिए था। 16 सितंबर 2002 को रिंकू ने चिंचू से पैसे मांगे तो वह गालीगलौच करने लगा। ऐसे में रिंकू ने चिंचू को एक थप्पड़ मार दिया। इसका बदला लेने के लिए चिंचू अपने साथी जावेद, हामिद व अब्दुल हमीद को लेकर रिंकू के घर पहुंचा। यहां उन्होंने रिंकू पर हमला कर दिया। बीचबचाव में आए उसके पिता जोगेंद्र व रिंकू के चचेरे भाई रवि को चाकू मार दिया। गंभीरावस्था में दोनों को दिल्ली स्थित जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान जोगेंद्र की मौत हो गई, जबकि रवि उपचार के बाद ठीक हो गया। मामले में चिंचू, जावेद, हामिद व अब्दुल हमीद के खिलाफ हत्या व जानलेवा हमला करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई। आरोपी चिंचू अभी तक फरार है। जावेद की मौत हो चुकी है। अभियोजन अधिकारी शैली भारद्वाज ने बताया कि अदालत ने चिंचू की फाइल अलग कर दी है। इसके बाद हामिद व अब्दुल हमीद की फाइल पर सुनवाई हुई।