अस्पतालों पर कसी नकेल तो बेड का ब्योरा बोर्ड पर किया डिस्प्ले
गाजियाबाद। अस्पतालों पर नकेल कसने लगी तो उन्होंने खाली और भरे बेड का ब्यौरा भी देना शुरू कर दिया है। अधिकांश अस्पताल प्रबंधनों ने कोविड कंट्रोल रूम के माध्यम से जिला प्रशासन व नोडल अधिकारी को सूचना भेजनी शुरू कर दी है। ज्यादातर अस्पतालों ने बिल्डिंग परिसर में खाली बेड की सूचना भी प्रदर्शित करनी शुरू कर दी है, लेकिन कई वीआईपी अस्पताल अभी भी मनमानी पर उतारू हैं। रविवार शाम तक 16 कोविड अस्पतालों में 31 ऑक्सीजन बेड खाली थे। हालांकि आईसीयू बेड सभी भरे हुए थे। बीते कई दिनों से नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट विपिन कुमार और पुलिस के अधिकारियों ने अस्पतालों पर औचक निरीक्षण किया है। प्रत्येक निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रबंधनों की पोल खुली और सभी बेड भरे होने की सूचना दिए जाने के बावजूद निरीक्षण में बेड खाली पाए गए। इस पर टीम ने तीन अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की थी। शासन की ओर से नामित जिले के नोडल अधिकारी सैंथिल पांड्यन ने भी इस पर कड़ी नाराजगी जताई थी। प्रशासनिक अफसरों की संख्ती के चलते अब अस्पताल प्रबंधनों ने कोविड कंट्रोल रूम को सूचनाएं देनी शुरू की हैं। रविवार शाम तक 16 अस्पतालों ने बेड की स्थिति कोविड कंट्रोल रूम को देकर 31 ऑक्सीजन बेड खाली बताए थे। सभी अस्पतालों में आईसीयू बेड खाली नहीं थे।
इन अस्पतालों में खाली ऑक्सीजन बेड
क्लीयर मेडि हॉस्पिटल वसुंधरा, मेधा हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर प्रताप विहार, आनंद हॉस्पिटल लालकुआं, मिनाक्षी अस्पताल कौशांबी, हीलिंग ट्री अस्पताल इंदिरापुरम, पन्नालाल-श्यामलाल अस्पताल अंबेडकर रोड, शिवम अस्पताल राजनगर, आरोग्य अस्पताल वैशाली, आलोकी अस्पताल प्रताप विहार, पारस अस्पताल वैशाली, एसआर अस्पताल खोड़ा।
अस्पताल बेड देने से मना करें तो करें शिकायत
0120 - 2965798
0120 - 2965799
0120 - 2965757
0120 - 2965758
0120 - 2829040
मोबाइल - 8826797248
छोटे आए लाइन पर, बड़े अस्पताल नहीं कर रहे सहयोग
नगर स्वास्थ्य अधिकारी और बेड की मॉनीटरिंग के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार का कहना है कि अधिकांश अस्पतालों ने प्रशासन को सहयोग करना शुरू कर दिया है। उनकी ओर से सुबह-शाम खाली बेड की सूचना कोविड कंट्रोल रूम के जरिये दी जा रही है। वहीं यशोदा, ली-क्रिस्ट जैसे बड़े अस्पताल सहयोग नहीं कर रहे हैं। कई बार कहने के बावजूद वह खाली बेड की सही सूचना नहीं दे रहे हैं।