कोरोना : हर घंटे एक मरीज ने तोड़ा दम
गाजियाबाद। जिले में एक दिन में कोरोना से अब तक सबसे अधिक 24 मौत दर्ज की गई हैं। शासन से जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में 24 संक्रमितों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वसुंधरा में भाजपा की मंडल कार्यकर्ता निशा तंवर का कोरोना से निधन हो गया। मंगलवार से पहले एक और दो मई को सबसे ज्यादा 20-20 मौत की पुष्टि की गई थी।
अप्रैल के बाद मई के महीने भी कोरोना संक्रमितों के लिए भारी हो रहा है। बीते चार दिन में 69 मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग कर चुका है। जिले में कोरोना से होने वाली मौत की संख्या 275 पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अधिक सतर्कता बरतने की अपील की है। बीते 24 घंटे में कोरोना के 1057 नए संक्रमित भी सामने आए हैं। जिले में अब कुल संक्रमितों की संख्या 43214 पर पहुंच चुकी है। वर्तमान में 6331 सक्रिय संक्रमितों का विभिन्न अस्पताल और होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है।
1260 ने दी कोरोना को मात
जिले में एक दिन में 1260 लोगों ने कोरोना को मात दी है। इसके बाद कुल संक्रमण मुक्त होने वालों की संख्या 37054 हो गई है।
आरटी-पीसीआर रिपोर्ट में देरी से इलाज के लिए इंतजार
कोरोना से होने वाली मौतों के मामले में आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट का देरी से मिलना भी बड़ी वजह है। मरीजों को सात से आठ दिनों में कोरोना जांच रिपोर्ट मिल रही है। इस बीच इलाज में देरी से संक्रमित की हालत बिगड़ जाती है। रैपिड एंटीजन किट की जांच रिपोर्ट तो मरीजों को तुरंत मिल जाती है, लेकिन इसकी सत्यता कम होने के कारण लोग आरटीपीसीआर जांच को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। जिले में रोजाना औसतन 2500 से तीन हजार लोगों की आरटी-पीसीआर जांच की जाती है। जिला एमएमजी अस्पताल स्थित आरटी-पीसीआर लैब में एक दिन में अधिकतम 700 से अधिक सैंपल की जांच होती है।
ऑक्सीजन के लिए लाइन में लोग:
कोरोना के इलाज के लिए ऑक्सीजन भी लोगों को नहीं मिल पा रही है। लोहामंडी के सामने औद्योगिक क्षेत्र में दो से तीन दिन के इंतजार के बाद भी लोग वापस लौट रहे हैं। ऐसे में ऑक्सीजन का इंतजार भी मरीजों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है।