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सेटेलाइट से पकड़ी जाएगी हाउस टैक्स की चोरी

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सेटेलाइट से पकड़ी जाएगी हाउस टैक्स की चोरी
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गाजियाबाद। हाउस टैक्स की चोरी अब सेटलाइट के जरिए पकड़ी जाएगी। इससे बढ़ा कवर्ड एरिया छुपाकर हाउस टैक्स की रकम में होने वाला खेल भी उजागर हो जाएगा। नगर निगम ने वसुंधरा जोन के बाद अब अन्य चारों जोन में भवनों का जीआईएस (जियोग्राफिकल इंफॉरमेशन सिस्टम) सर्वे शुरू किया है। चारों जोन का सर्वे पूरा होने के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार होगी। इस रिपोर्ट से मकानों के मौजूदा टैक्स का आकलन किया जाएगा। इसके जरिए टैक्स में चोरी पकड़ में आएगी।
शहर के 3.60 लाख भवन हाउस टैक्स के दायरे में हैं। इनमें से अधिकांश भवनों पर कई वर्षों पहले टैक्स का निर्धारण हुआ था। उसके बाद इनमें दो मंजिला या इससे ज्यादा निर्माण हो चुका है। यानी भवनों का कवर्ड एरिया कई गुना तक बढ़ गया है, लेकिन टैक्स अपडेट नहीं हुआ। नगर निगम ने भवनों की वास्तविक स्थिति का पता लगाकर उन पर कर निर्धारण के लिए जीआईएस सर्वे शुरू कराया था। वसुंधरा जोन में सर्वे का काम पूरा हो चुका है। यहां करीब नौ हजार नए भवन टैक्स के दायरे में आए हैं। अब निगम ने कविनगर, मोहननगर, सिटी जोन और विजयनगर जोन में जीआईएस सर्वे शुरू कराया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि यह सर्वे जुलाई तक पूरा हो जाएगा।
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उद्योगों में होता है सबसे बड़ा खेल
साठगांठ कर हाउस टैक्स को कम करने का खेल रिहाइशी भवनों में कम और उद्योगों, होटल, मॉल्स, स्कूलों-कॉलेजों में ज्यादा होता है। इन प्रतिष्ठानों का कवर्ड एरिया ज्यादा होता है। ऐसे में मिलीभगत से इन संस्थानों का टैक्स कम कर दिया जाता है। बचत की रकम को बांट लिया जाता है।
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पार्षद से लेकर मेयर तक लगा चुके हैं आरोप
हाउस टैक्स में खेल किए जाने का मामला सिर्फ आरोपों तक सीमित नहीं है। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी, राजीव शर्मा, पूर्व पार्षद मुकेश त्यागी और खुद महापौर आशा शर्मा टैक्स में किए जा रहे खेल को उजागर कर चुके हैं। महापौर ने विजयनगर क्षेत्र में बड़े प्रतिष्ठानों पर हाउस टैक्स की रकम कम किए जाने के दस्तावेजों के साथ यह मामला पूर्व में सदन की बैठक में उठाया था। भाजपा पार्षद ने बीती जनवरी में कविनगर जोन में टैक्स में खेल किए जाने का मामला उठाया था।
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कोट...
निगम के सभी जोन में जीआईएस सर्वे कराया जा रहा है। वसुंधरा जोन में सर्वे पूरा हो चुका है। अगर किसी ने टैक्स निर्धारण के बाद भवन का कवर्ड एरिया बढ़ा लिया है तो सेटेलाइट इमेज और फिजिकल सर्वे में पता चल जाएगा। ऐसे भवनों का टैक्स बढ़ाया जाएगा। इससे नगर नगम की आमदनी भी बढ़ेगी। - महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त
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