आठ महीने के बच्चे सहित 277 संक्रमित
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। कोरोना संक्रण के मामले तेजी से बढ़ने के बाद अब हर वर्ग के लोग चपेट में आ रहे हैं। बुधवार को जिले में कोरोना के 277 नए मरीज मिले। यह स्थिति पिछली साल सितंबर के महीने में थी। इस बार सबसे अधिक खतरनाक स्थिति यह है कि महज 45 दिन में 130 बच्चे और किशोर संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें एक आठ माह का बच्चा भी शामिल है। बुधवार को सिर्फ 67 मरीज संक्रमण मुक्त हुए। अब जिले में संक्रमितों की संख्या 28842 हो चुकी है। इनमें से 27466 लोग इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि अभी प्राइवेट एवं सरकारी अस्पतालों में 860 मरीज भर्ती हैं। 290 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। इनमें से 73 मरीजों को वेंटिलेंटर पर रखा गया है। 472 मरीज होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक मार्च से 14 अप्रैल यानी सिर्फ 45 दिन में 130 बच्चे और किशोर संक्रमण की चपेट में आए हैं। जबकि गत वर्ष आठ मार्च से 30 अप्रैल तक सिर्फ पांच बच्चे संक्रमण की चपेट में आए थे। जिनमें एक नवजात बच्ची, 13 व 14 साल के एक भाई-बहन और 12 साल का एक बच्चा था।
45 दिन में मिले 2106 मरीज
एक मार्च से 14 अप्रैल तक जिले में 2106 मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें से 130 बच्चे और किशोर हैं। इनमें 14 साल तक के 97 बच्चे हैं, जबकि 15 से 17 साल के 33 किशोर संक्रमित हुए हैं। कोविड लेवल-2 में संक्रमित मां-बाप के साथ एक आठ महीने का बच्चा भी भर्ती है। सबसे अधिक परेशान करने वाली बात यह है कि संक्रमण के तीसरे दिन ही लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
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सीएमओ के हस्तक्षेप के बाद महिला को किया भर्ती
ऑक्सीजन सेचुरशन कम होने पर कोविड लेवल-2 संजय नगर से संतोष कोविड लेवल-3 रेफर की गई महिला मरीज को भर्ती करने से अस्पताल प्रबंधन ने इनकार कर दिया। इसके बाद मामले की शिकायत सीएमओ डॉॅ. एनके गुप्ता से की गई। आरोप है कि संतोष अस्पताल लेवल-3 में बेड फुल होने की बात कहकर भर्ती करने से इंकार कर दिया था। सीएमओ के हस्तक्षेप पर मरीज को संतोष ने भर्ती किया। इस मामले की शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना से भी की गई है।