रैपिड रेल कॉरिडोर में बनेगा आदर्श रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
गाजियाबाद। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर में साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किमी लंबे प्राथमिकता वाला खंड बेहद खास होगा। प्राथमिकता वाले खंड में एक आदर्श रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार होगा। बारिश के पानी को संचयित करने के लिए आनंद विहार से दुहाई तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में 300 बोरवेल बनाए जाएंगे। एनसीआरटीसी की पहल से गिरते भूजल स्तर को सुधारने में मदद मिलेगी।
दूसरी ओर पहले चरण में 17 किमी लंबे प्राथमिकता वाले खंड और फिर पूरे कॉरिडोर में एनसीआरटीसी की ओर से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। साल 2022 में कॉरिडोर में सिविल निर्माण संबंधी काम लगभग पूरा होने के साथ ही बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान की शुरुआत होगी। दूसरी ओर वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए गए हैं। एनसीआरटीसी ने निर्माण साइटों पर 10 एंटी स्मॉग गन लगाई हैं। इनमें से वाहनों पर चार मोबाइल एंटी स्मॉग गन लगाई गई हैं। रैपिड रेल का संचालन मार्च 2023 में प्रस्तावित है। एनसीआरटीसी की ओर से 3.5 किमी एलिवेटेड ट्रैक तैयार होने के साथ अब तक 533 पिलर के निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। दुहाई में प्रस्तावित रैपिड डिपो के लिए 53 हेक्टेयर में से 46 हेक्टेयर जमीन की खरीद की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि रैपिड कॉरिडोर में आदर्श रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने के साथ कॉरिडोर में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा।