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डीएल बनवाने का 58000 कर रहे इंतजार

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डीएल बनवाने का 58000 कर रहे इंतजार
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गाजियाबाद। लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए छह महीने की वेटिंग चल रही है। ऑनलाइन स्लॉट मिलना लॉटरी लगने जैसा है। ऐसे भी मामले हैं जो एक साल से डीएल बनवाने की कोशिश में लगे हैं। अभी तक कामयाबी नहीं मिल है। जिले में करीब 58000 आवेदक डीएल के लिए ऑनलाइन लाइन में लगे हैं। समस्या बताने और शिकायत करने पर सबका एक ही जवाब है सब ऑनलाइन है।
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इसके बाद भी जरूरी नहीं है कि आपको स्लॉट मिल जाए। ऐसा ही मोदीनगर के रहने वाले रितू, उमा और मनीष के साथ हुआ है। दिसंबर 2020 में उन्होंने लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। स्लॉट नहीं मिला। मार्च में स्लॉट मिला तो वह जून 2021 का है। वह कई बार अधिकारियों को समस्या बता चुके हैं। समाधान नहीं हुआ। सब ऑनलाइन है कहकर सब पल्ला झाड़ लेते हैं। तीन महीने से करीब 58 हजार वेटिंग चल रहे हैं।
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प्रदेश सरकार ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा दे रही है। एक मई से उत्तर प्रदेश परिवहन
विभाग के ज्यादा से ज्यादा कार्यों को डिजिटल करने की योजना बनाई है। योजना के
तहत किसी भी व्यक्ति को घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह घर पर बैठकर ही
सारे कार्य करा सकेगा। वाहन डीलरों की फाइल ऑनलाइन मंजूर की जाने लगी है। उनके
डिजिटल हस्ताक्षर से कार्य हो जाते हैं। अधिकारियों को दो से तीन दिन में फाइलों को
अप्रूव करना होता है। अगर कोई फाइल लेट हो रही है तो उसकी देरी का कारण बताना
पड़ता है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भी घर से
ऑनलाइन टेस्ट दे सकेंगे। जिन लोगों के पास यह व्यवस्था नहीं होगी, वह पास के जन सुविधा
केंद्र पर जाकर काम करा सकेंगे। आवेदक को एक बार ऑफिस आना होगा। उसे देखा जा सके कि
वह शारीरिक रूप से सही हैं या नहीं। इसके बाद वाहन चलवाकर देखा जाएगा। फिर लाइसेंस
जारी किया जाएगा। ऑनलाइन प्रक्रिया होने के कारण अब एनओसी भी आसानी से मिल सकेगी।
यह प्रक्रिया शासन शुरू करने तो जा रहा है, लेकिन लोगों के सामने उससे पहले आने वाली
समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया काफी
पहले शुरू की जा चुकी है, लेकिन अभी भी तीन से छह महीने की वेटिंग का सामना करना पड़
रहा है। इतना ही नहीं अधिकारी लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया का हवाला देते हुए उनकी
समस्या का समाधान करने से इनकार कर देते हैं। ऐसे में लोगों के पास कोई विकल्प भी नहीं
बचता है। समस्या से जूझ रहे लोगों का कहना है कि सारी प्रक्रियाएं ऑनलाइन होने के बाद
दिक्कत और ज्यादा बड़ी हो सकती है।
दिसंबर 2020 में दी फीस, जून 2021 का मिला स्लॉट
मोदीनगर की तिवरा रोड निवासी रितू और उमा ने बताया कि उन्होंने लर्निंग ड्राइविंग
लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन दिसंबर 2020 में फीस कटाई थी। फीस कटने के बाद वह
लगातार स्लॉट के लिए प्रयास करते रहे, लेकिन मार्च के शुरू तक उनको स्लॉट मिला ही नहीं।
12 मार्च के बाद स्लॉट मिला, वह भी जून 2021 का। इसी तरह मनीष ने भी दिसंबर 2020
में ऑनलाइन 350 रुपये फीस कटाई। उन्हें भी स्लॉट नहीं मिल रहा था। वह प्रत्येक दिन अपने
लैपटॉप, जनसुविधा केंद्र व अन्य माध्यमों से प्रयास कराते रहे। उन्होंने बताया कि 10 मार्च
को स्लॉट मिला है। उसमें आठ जून 2021 की तिथि मिली है। उन्होंने कहा कि छह महीने से
ज्यादा में लर्निंग लाइसेंस मिलेगा। उसके बाद कई महीने परमानेंट लाइसेंस बनवाने में लग जाएंगे।
आवेदन एक हजार, 350 को स्लॉट
जिले में लगभग एक हजार लोग प्रत्येक दिन लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं। उसमें से
केवल 350 लोगों को ही स्लॉट मिल रहा है। बाकी बचे 650 लोगों की वेटिंग प्रत्येक दिन के
हिसाब से बढ़ती जा रही है। 650 के हिसाब से 90 दिन की वेटिंग में 58 हजार से अधिक लोग
फंसे हुए हैं, जिन्हें स्लॉट ही नहीं मिल पा रही है। यह लोग आए दिन अधिकारियों के चक्कर
काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। अधिकारी ऑनलाइन प्रक्रिया का
हवाला देकर मदद करने से इनकार कर रहे हैं।
स्लॉट लेने को दलालों के काट रहे चक्कर
गोविंदपुरम निवासी देवेंद्र और चिपियाना निवासी जितेंद्र ने बताया कि फीस कटवा चुके हैं,
लेकिन पिछले 20-25 दिन से स्लॉट नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया आरटीओ कार्यालय के
बाहर बैठने वाले दलालों से भी स्लॉट के लिए बात की। वह भी एक हजार रुपये मांग रहे हैं और
तीन महीने बाद का स्लॉट दिलाने की बात कर रहे हैं। देवेंद्र ने कहा कि उन्हें अप्रैल में
नौकरी के लिए बाहर जाना है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बड़ी दिक्कत होगी।
इन्होंने कहा...
प्रत्येक दिन 350 स्लॉट लर्निंग लाइसेंस के लिए दिए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण और अन्य
व्यवस्थाओं को देखते हुए इससे ज्यादा स्लॉट दे पाना संभव नहीं था। अब शासन को 450 स्लॉट
के लिए लिखकर भेजा गया है। वहां से स्लॉट बढ़ जाता है तो राहत मिलेगी।
विश्वजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन
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