इंदिरापुरम को टेकओवर करने से पहले नगर निगम कराएगा सर्वे
गाजियाबाद। नगर निगम ने इंदिरापुरम को अपने हाथों में लेने की तैयारी शुरू कर दी है। निगम की ओर से इंदिरापुरम को टेकओवर करने से पहले योजना के सीवर, पानी की लाइनों सहित अन्य सुविधाओं का एक स्वतंत्र एजेंसी से सर्वे कराया जाएगा। एजेंसी की रिपोर्ट आने के बाद जीडीए अधिकारियों से बातचीत कर योजना को लेने की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। जीडीए व निगम अधिकारियों की टीम कई बार सुविधाओं का संयुक्त सर्वे कर चुकी है। लेकिन सवाल उठने के बाद निगम ने स्वतंत्र एजेंसी से सर्वे कराने का फैसला किया है।
निगम के टेकओवर करने से इंदिरापुरम की करीब दो लाख से ज्यादा की आबादी को राहत मिलेगी। टेकओवर के प्रस्ताव को नगर निगम बोर्ड पहले ही मंजूरी दे चुका है। लेकिन बोर्ड ने साफ किया था कि इंदिरापुरम कॉलोनी को टेकओवर ग्रीन बेल्ट, पार्क और सामुदायिक केंद्रों के साथ किया जाएगा। इससे पहले नगर निगम ने जीडीए अधिकारियों से अब तक दी गई सुविधाओं का पूरा ब्योरा मांगा था। साथ ही क्षेत्र में बकाया कार्यों की जानकारी भी प्राधिकरण से मांगी गई। इंदिरापुरम को टेकओवर करने को लेकर नगर निगम और जीडीए अधिकारियों के बीच एक चरण की बैठक हो चुकी है। दूसरी ओर स्वतंत्र एजेंसी से सर्वे कराने का निगम का मकसद इंदिरापुरम में सीवर, पानी की लाइनों सहित अन्य सुविधाओं की स्थिति का विस्तृत रूप से आंकलन करने का है। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि इंदिरापुरम योजना को टेकओवर करने से पहले सीवर, पानी की लाइनों के साथ अन्य सुविधाओं का जायजा लेने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इंदिरापुरम से सलाना मिलता है करीब 32 करोड़ टैक्स
इंदिरापुरम योजना से नगर निगम को सालाना करीब 32 करोड़ हाउस टैक्स मिलता है। ऐसे में नगर निगम की ओर से योजना को टेकओवर किए जाने से क्षेत्र में विकास कार्यों में तेजी आएगी। टेकओवर करने के बाद इंदिरापुरम से प्राप्त होने वाले राजस्व में और वृद्धि होने का पार्षदों की ओर से अनुमान लगाया जा रहा है। इंदिरापुरम योजना को लेकर पूर्व में हुई बैठकों में नगर निगम पार्षदों का साफ कहना है कि टेकओवर से पहले जीडीए लेफ्ट ओवर वर्क पूरा कराए। साथ ही प्रक्रिया के तहत नगर निगम को पार्क, ग्रीन बेल्ट, सामुदायिक केंद्र सौंपा जाएगा।