खुद पर भरोसा कर मनचलों को दें मुंहतोड़ जवाब
गाजियाबाद। राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर रविवार को महामाया स्पोर्ट्स स्टेडियम में महिला खिलाड़ियों के लिए ताइक्वांडो का प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत ताइक्वांडो विशेषज्ञों ने महिला खिलाड़ियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए।
जिला ताइक्वांडो एसोसिएशन के सचिव संजीव ने महिला खिलाड़ियों को आपात स्थिति में मनचलों का सामना करना सिखाया। उन्होंने बताया कि आपको अपनी सुरक्षा के लिए किसी की जरूरत नहीं है। न ही किसी हथियार की। आप अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकती हैं। इसके लिए उन्होंने आत्मरक्षा से जुड़ी ताइक्वांडो के फेस पंच, साइड ब्लॉक, अपर ब्लॉक, किक, डबल अप्चर आदि दांवपेंच का अभ्यास कराया। अंत में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सबसे पहले अंदर से मजबूत बनें। आपकी बातों का वजन ही आधी समस्या दूर कर देता है। ऐसे में खुद पर भरोसा रखें नहीं तो सारी आत्मसुरक्षा की तैयारी बेकार है।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला खेल अधिकारी गदाधर बारीकी ने किया। उन्होंने सभी को बालिका दिवस की शुभकामनाएं देते हुए हर वक्त सजग और निडर रहने को कहा। साथ किसी भी तरह के अव्यवहारिक घटना होने पर तुरंत सूचित करने को कहा। कार्यक्रम का संचालन उपक्रीड़ाधिकारी अनीता नागर ने किया। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी हर्ष चौधरी, अवनी गर्ग, प्रगति मौर्य, सृष्टि, नीशू, सलोनी आदि मौजूद रहे।
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1. शिविर में हमें काफी अच्छा लगा। हमने सीखा की मुसीबत के समय अपनी सुरक्षा कैसे कर सकते हैं। यदि कोई मनचला परेशान करेगा तो पूरे विश्वास के साथ उसको मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। - माधवी राघव
2. काफी कुछ सीखने को मिला। कई सारी नई तकनीक सीखीं। आपात स्थिति में हम न केवल अपनी सुरक्षा कर सकते हैं बल्कि सामने वाले को करारा जवाब भी दे सकते हैं। - माही सिंह
3. मैंने पहले भी कुछ आत्मरक्षा की ट्रेनिंग ली थी। आज कुछ अतिरिक्त दांवपेंच सीखने को मिले। अब पहले से ज्यादा आत्मविश्वास के साथ जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल कर सकती हूं। - पावनी गौतम
4. बालिका दिवस के दिन इस तरह के कार्यक्रम में शामिल होना बहुत अच्छा रहा। आत्मरक्षा को लेकर त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए आज बहुत सारी नई जानकार मिली। जो मुसीबत में काम आ सकती हैं। - स्वाति डागर
5. मुझे ताइक्वांडो की जानकारी है लेकिन आज सामूहिक रूप से एक साथ जो अभ्यास किया वह शानदार था। इससे काफी आत्मविश्वास बढ़ा। कई बार पता होने पर भी हम चीजों का इस्तेमाल नहीं करते हैं। - वृंदा त्यागी
6. ये अभियान महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक शानदार मुहिम है। जो जमीन पर जाकर लड़कियों को साहसी और आत्मनिर्भर बनाता है। मैं पहले भी इस अभियान में शामिल रही हूं। बालिका दिवस पर इस तरह के आयोजन से महिला खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ा है। - अनीता नागर