कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाली 23 साल की सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता द्वारा आत्महत्या के मामले में पिता ने आरोपियों को फांसी की सजा की मांग की है। पिता ने कहा कि प्रशासन आरोपियों को फांसी तक पहुंचने में मदद करें। वहीं मामले में मुकदमा दर्ज करने में देरी के मामले में एसीपी अंकुर विहार परिजनों के बयान दर्ज करेंगी।
पिता ने बताया कि घटना में शामिल आरोपियों को सख्त सजा और जल्दी सजा मिले। ताकि उनकी बेटी को न्याय मिल सके। वह और उनका परिवार बेटी की मौत के सदमें में हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस अगर जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती तो शायद उनकी बेटी आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाती। उनकी बेटी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आहत थी और उसके साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना से वह परेशान थी।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने में देरी भी की थी। मेडिकल होने में समय लग गया था। इस घटना में पुलिस कर्मियों की लापरवाही रही हैं। उन्होंने संबंधित पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस द्वारा मुठभेड़ में घायल हुए दोनों आरोपी रोहित और वीर सिंह उर्फ भोला को उपचार के बाद शुक्रवार को न्यायालय में पैश किया गया था। गोली लगने से घायल रोहित चलने में असमर्थ था। इसलिए न्यायालय में वह ऊपर कोर्ट तक नहीं पहुंच पाया था।
जज ने नीचे आकर रोहित को देखा और दोनों को जेल भेज दिया। एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में दोनों द्वारा ही घटना को अंजाम देने की बात कही है। उन्होंने बताया कि दोनों के खिलाफ जल्द सबूत एकत्रित कर न्यायालय में चार्जशीट पैश की जाएगी। दोनों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। पुलिस ने मौके से कुछ सबूत भी एकत्रित किए है।
पुलिस कर्मियों की लापवाही की जांच जल्द शुरू होगी
इस घटना में किस पुलिस कर्मी की लापरवाही हुई है, इसकी जांच एसीपी अंकुर विहार ज्ञान प्रकाश राय को सौंपी हैं। उन्होंने बताया कि मामले में पहले परिजनों से बात की जाएगी। परिजन किस-किस पुलिस कर्मी की भूमिका पर सवाल उठा रहे है, उनके ब्यान दर्ज होंगे। इसके बाद संबंधित पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ की जाएगी। पूछताछ होने के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को शौंप दी जाएगी।