छह माह के बाद हिंडन एयरपोर्ट से दो शहरों के लिए उड़ान सेवा शुरू हुई है। जल्द ही यहां से फ्लाइट्स की संख्या बढ़ेगी और मुख्य शहरों से हिंडन एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा। सांसद वीके सिंह का कहना है कि वर्ष 2024 तक हिंडन एयरपोर्ट से 10 अलग-अलग शहरों के लिए उड़ान सेवा शुरू की जाएगी।
10 में से पांच शहरों के लिए तो फ्लाई बिग एयरलाइंस कपनी ही उड़ान शुरू करेगी। इसमें छह सितंबर को लुधियाना और देहरादून के लिए उड़ान शुरू कर दी गई है। 12 सितंबर से बठिंडा के लिए उड़ान शुरू होनी थी लेकिन फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है। एयरलाइंस कंपनी अधिकारी लक्ष्मण राव ने बताया कि 18 सितंबर को उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद अक्तूबर तक पंतनगर और पिथौरागढ़ के लिए भी उड़ान सेवा शुरू कर दी जाएगी।
वहीं, अन्य पांच शहर जिन्हें हिंडन एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा उनमें प्रयागराज, लखनऊ, शिमला, गंगानगर और अयोध्या है। सांसद वीके सिंह ने कहा कि सभी उड़ानों के लिए रूट की अनुमति पहले ही मिल चुकी है, इस संबंध में कई बड़ी एयरलाइंस कंपनियों से बात चल रही है। लखनऊ और प्रयागराज के लिए तो जल्द ही उड़ान शुरू की जाएगी।
लुधियाना के लिए फुल हो रही बुकिंग
छह सितंबर से फ्लाई बिग ने देहरादून और लुधियाना के लिए उड़ान सेवा शुरू की है। पहले दिन लुधियाना से महज सात यात्री हिंडन एयरपोर्ट उतरे थे जबकि यहां से महज तीन यात्री ही लुधियाना गए। इसके बाद से लुधियाना के लिए लगातार यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। 12 सितंबर को लुधियाना के लिए हिंडन एयरपोर्ट से उड़ान भरी गई है जिसमें 15 यात्री यहां से गए और लुधियाना से 14 यात्री आए। 12 सितंबर को देहरादून की फ्लाइट रद्द थी।
यहां तक कि देहरादून के लिए 13 से 15 सितंबर तक के बीच जब ऑनलाइन फ्लाइट बुक करने का प्रयास किया गया तो साइट पर नो फ्लाइट वर फाउंड लिखा हुआ आया। अक्तूबर के भी कई तारीख देखे गए लेकिन बुकिंग की बजाय नो फ्लाइट ही बताया गया। इस मामले में एयरलाइंस कंपनी के हेड ऑफ ग्राउंड ऑपरेशनल रतन लक्ष्मण राव का कहना है हमारा मुख्य रूट लुधियाना और बठिंडा के लिए है। देहरादून की फ्लाइट कॉमर्शियल है, जिसमें जिस तारीख में सीटें 50 फीसदी से अधिक बुक होंगी उस दिन फ्लाइट का संचालन किया जाएगा।
चार साल बाद भी रूट पर नहीं चल सका ई-रिक्शा
मार्च 2019 में हिंडन एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। एयरपोर्ट बनने के चार वर्ष बाद अब तक भी मुख्य मार्ग से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए कोई संसाधन शुरू नहीं किया गया है। इस रूट पर मांग के बावजूद ई-रिक्शा तक नहीं चलाया गया है। जो यात्री यहां पहुंचते हैं वह सीधे कैब से पहुंचते हैं। यदि कोई बाहर से बस या ऑटो से आ रहा हो तो उसे मुख्य मार्ग दिल्ली वजीराबाद रोड पर ही उतरना पड़ता है। इसके बाद यात्री को करीब आधा किलोमीटर तक पैदल चलकर जाना पड़ता है। एयरपोर्ट पर कार्यरत स्टाफ को भी एयरपोर्ट से मुख्य मार्ग तक पैदल आना पड़ता है।