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गाजियाबाद में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पर खतरा, नहीं पास हुआ नक्शा

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गाजियाबाद में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पर खतरा, नहीं पास हुआ नक्शा
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गाजियाबाद (प्रद्युम्न उपाध्याय)। देश के सर्वाधिक दर्शक क्षमता के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाया है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की ओर से अक्तूबर 2021 तक स्टेडियम के निर्माण की बात की जा रही है, लेकिन उनके दावों में दम दिखाई नहीं दे रहा है। 2015 में स्टेडियम के निर्माण की योजना पर काम शुरू हुआ और जुलाई 2019 में लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम का भूमि पूजन (ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी) हुआ। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी को पांच माह बीतने को है, लेकिन अभी तक एक ईंट भी नहीं रखी गई है।
यहां तक कि यूपीसीए ने स्टेडियम के निर्माण का संशोधित नक्शा तक जीडीए में जमा नहीं किया है। ऐसे में नई डेडलाइन पर भी स्टेेडियम का निर्माण पूरा होने पर संशय बना है। हालांकि यूपीसीए प्रतिनिधियों की ओर से दिसंबर से निर्माण कार्य शुरू करने के दावे किए जा रहे हैं। कई रुकावटें आने के कारण यूपीसीए को स्टेडियम निर्माण की कई बार डेडलाइन आगे बढ़ानी पड़ी। पहले दिसंबर 2019, फिर जून 2020 और अब अक्तूबर 2021 की नई समयसीमा तय की गई है। यूपीसीए को सबसे पहले जमीन खरीद प्रक्रिया में रुकावट का सामना करना पड़ा। कैग की आपत्ति के बाद पांच करोड़ के प्रशासनिक शुल्क के कारण मामला लंबे समय तक अटका रहा। अभी अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) का मामला सुलझा नहीं है। अतिरिक्त एफएआर की मांग संबंधी मामला शासन में विचाराधीन है। प्राधिकरण के नियमानुसार, निर्माण के लिए 0.50 एफएआर की अनुमति दे सकता है, जबकि यूपीसीए स्टेडियम के लिए 1.50 एफएआर की मांग कर रहा है। इसी को संशोधित नक्शा जमा होने में देरी का कारण माना जा रहा है। उधर, स्टेडियम साइट पर भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी मामला होने से भी देरी हुई।
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एचटी लाइन शिफ्टिंग में शासन खर्च उठाने को नहीं तैयार
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण में हाईटेंशन लाइन (एचटी) की शिफ्टिंग संबंधी रुकावट बनी है। स्टेडियम साइट से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों (एचटी लाइन) को शिफ्ट का प्रस्ताव शासन के पाले में है। एचटी लाइनों की शिफ्टिंग के लिए यूपी पावर कारपोरेशन से उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) से 14 करोड़ से अधिक की मांग की है। यूपीसीए ने शासन में एचटी लाइन शिफ्टिंग का काम पावर कारपोरेशन से ही कराने की मांग की है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन एचटी लाइन की शिफ्टिंग का खर्च खुद उठाने को तैयार नहीं है।
यूपीसीए ने की स्टेडियम की मुख्य रोड के निर्माण की मांग
अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम की साइट तक पहुंचने के लिए कनेक्टिविटी को दूर करने की दिशा में जीडीए ने कदम उठाए हैं। यूपीसीए प्रतिनिधियों की मांग पर ही जीडीए ने स्टेडियम की साइट पर 45 मीटर की एप्रोच रोड का चिह्नीकरण तो किया है, लेकिन सड़क का निर्माण अब तक नहीं हुआ है। ऐसे में मुख्य सड़क व एप्रोच रोड के निर्माण की यूपीसीए प्रतिनिधियों की ओर से मांग की जा रही है।
22 एकड़ में स्टेडियम बाकी में अन्य सुविधाएं
यूपीसीए की ओर से जीडीए में जमा किए गए रिवाइस्ड नक्शे में कुल 33.54 एकड़ जमीन में से 22 एकड़ जमीन पर स्टेडियम का निर्माण होगा। बाकी 12 एकड़ जमीन पर पांच सितारा होटल, हॉस्टल सहित अन्य गतिविधियों का संचालन होगा। 12 एकड़ जमीन का भू-उपयोग कृषि व अन्य का है। ऐसे व्यावसायिक में परिवर्तित करने का मामला शासन में जा चुका है। बढ़े एफएआर के साथ भू-उपयोग परिवर्तन का मामला एक साथ निपटने की संभावना है। स्टेडियम के निर्माण पर 400 करोड़ खर्च होने है। पहले चरण में दर्शक क्षमता 45 हजार होगी। जिसे दूसरे चरण में बढ़ाकर 75 हजार करने की योजना है।
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दिसंबर से शुरू कर देंगे स्टेडियम का निर्माण
एचटी लाइन शिफ्टिंग पर शासन स्तर से कोई निर्णय नहीं हाया पाया है। संशोधित नक्शा जल्द जमा किया जाएगा। दिसंबर से स्टेडियम का निर्माण कार्य हर हाल में शुरू हो जाएगा। जीडीए से चिह्नित की गई सड़कों के जल्द निर्माण की मांग की जाएगी। - राकेश मिश्रा, स्टेडियम कंवीनर व जीसीए अध्यक्ष
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