गाजियाबाद में 12 साल पहले हत्या कर साक्ष्य छुपाने में एक व्यक्ति को दोषी करार दिया है, जबकि दूसरे आरोपी को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गिरिराज सिंह भाटी ने बताया कि बम्हैटा निवासी बृजेश यादव ने आठ जून 2011 को कवि नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बृजेश ने पुलिस को बताया था कि रात 9:15 बजे गांव के ही सनी और मिठन आपसी रंजिश के कारण महेश यादव को जबरन पकड़ कर ले गए थे।
लड़ाई- झगड़े के दौरान सनी ने महेश यादव पर गोली चला दी। इसके बाद महेश यादव को अस्पताल ले गया जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने सनी और मिठन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामले की अंतिम सुनवाई शनिवार को एडीजे 6 न्यायधीश मुकेश कुमार सिंह की अदालत में हुई। अदालत ने पुख्ता साक्ष्य और सबूतों के आधार पर सनी को हत्या करने का दोषी करार दिया। साक्ष्य के अभाव में मिठन को बरी कर दिया ।