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धर्म परिवर्तन केस: नीरू ने परिजनों से कहा- मैंने इस्लाम कुबूल कर लिया है... मैं नमाज पढ़ती हूं, तुम भी पढ़ो

Sun, 09 Jul 2023 10:13 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

धर्म परिवर्तन के इस मामले में खोड़ा थाने में केस नीरू बिष्ट के परिजनों ने दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे लोग यह देखकर हैरान थे कि बेटी उनसे दूरी बना रही है। वह बहुत कम बातें करने लगी थी। इतना ही नहीं, और भी बदलाव आए थे, वह हिजाब पहनने लगी थी। उन्हें गौर किया तो पता चला कि वह दिन में पांच वक्त सबसे अलग चली जाती है और ऐसे करती है जैसे नमाज पढ़ रही हो।
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Ghaziabad Conversion Case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजियाबाद के खोड़ा थाना पुलिस ने धर्म परिवर्तन कराने वाले ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया जिसे डॉक्टर और इंजीनियर चला रहे थे। यह गिरोह खोड़ा निवासी युवती नीरू बिष्ट समेत दिल्ली-एनसीआर में छह लोगों का धर्म परिवर्तन करा चुके हैं। धर्म परिवर्तन के इस खेल का खुलासा तब हुआ जब नीरू को परिजनों ने हिजाब पहनते और घर में नमाज पढ़ते देखा।
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उनकी शिकायत पर पुलिस ने गिरोह का पता लगाकर मास्टरमाइंड डाॅक्टर अब्दुल्ला अहमद और उसके सहयोगी इंजीनियर मुसीर और कॉल सेंटर के कर्मचारी राहिल को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। राहिल और अब्दुल्ला का भी धर्म परिवर्तन हुआ है। राहिल पहले राहुल अग्रवाल और अब्दुल्ला सौरभ खुराना था।

ट्रांस हिंडन के डीसीपी विवेक यादव ने बताया कि गिरोह ने दिल्ली के पांच और गाजियाबाद के खोड़ा की युवती नीरू का धर्म परिवर्तन करा चुके हैं। अब्दुल्ला ने दिल्ली के अजय राठौर, अमृत सिंह और कपिल आनंद व मुसीर ने दिल्ली के ही अजय का धर्म परिवर्तन कराया। मुसीर ट्यूटर भी है। अजय उससे गणित का ट्यूशन पढ़ता था।
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मुसीर ने ही संगम विहार दिल्ली के निवासी राहुल अग्रवाल का धर्म परिवर्तन कराकर उसे राहिल नाम दिया। उसके गिरोह में जुड़कर राहिल ने नीरू से ऑनलाइन निकाह कर उसका धर्म परिवर्तन कराया। राहिल नोएडा के सेक्टर - 58 स्थित काल सेंटर आई एनरजाइजर में काम करता है। नीरू भी इसी सेंटर में काम करती थी।
 

प्यार का नाटक कर लड़कियों को फंसाता था राहिल 
दिल्ली की संगम विहार कॉलोनी के आई ब्लॉक में रहने वाले राहिल ने काॅल सेंटर में अपनी छवि आशिक मिजाज युवक की बना रखी थी। वह साथ काम करने वाली युवतियों की मदद के बहाने नजदीकी बनाता था। उनके जन्मदिन पर महंगे तोहफे देता था। पहले व्हाट्सएप पर दुआ-सलाम करता था। जो जवाब देने लगे, उससे चैटिंग शुरू कर देता था। 

इसके बाद फोन पर बातें करता और फिर शादीशुदा होते हुए भी खुद को अविवाहित बता प्यार के नाम पर फरेब के जाल में फंसा लेता। पुलिस के मुताबिक, किसी लड़की से दोस्ती या प्यार हो जाने पर वह उसे उसके धर्म के बारे में बात करता था। 
 

इसमें वह उसके धर्म में कमियां बताता था और इस्लाम की खूबियां गिनाता था। इसके लिए जाकिर नाइक और कई मौलानाओं के वीडियो व्हाट्सएप पर साझा करता था। इसी तरह से उसने नोएडा की दो युवतियों को फंसाया।
 

देवबंद से पढ़ाई कर रहा अब्दुल्ला
गिरफ्तार लोगों में आर न्यू कालोनी, पलवल का निवासी अब्दुल्ला देवबंद के मदरसे से आलिम की पढ़ाई कर रहा है। वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से 2014 में बीडीएस कर चुका है। 2014 में ही वह अपना धर्म बदलकर सौरभ से अब्दुल्ला बना। संगम विहार दिल्ली का निवासी मुसीर सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा ले चुका है। फिलहाल बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।

 

अलीगढ़ और देवबंद से भी जुड़े तार
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के तार अलीगढ़ और देवबंद से भी जुड़े हैं। आरोपियों के मोबाइल से दोनों जगह के मौलानाओं के वीडियो मिले हैं। धर्म परिवर्तन के लिए इन वीडियो का इस्तेमाल किया गया। विवादास्पद धर्मगुरु जाकिर नाइक के वीडियो भी मिले हैं।

 

नीरू ने परिजनों से कहा, मैं नमाज पढ़ती हूं, तुम भी पढ़ो
धर्म परिवर्तन के इस मामले में खोड़ा थाने में केस नीरू बिष्ट के परिजनों ने दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे लोग यह देखकर हैरान थे कि बेटी उनसे दूरी बना रही है। वह बहुत कम बातें करने लगी थी। इतना ही नहीं, और भी बदलाव आए थे, वह हिजाब पहनने लगी थी। उन्हें गौर किया तो पता चला कि वह दिन में पांच वक्त सबसे अलग चली जाती है और ऐसे करती है जैसे नमाज पढ़ रही हो। उससे पूछा गया कि वह क्या करती है। 



 

पुलिस का कहना है कि उसने बगैर किसी हिचक से कह दिया कि वह इस्लाम कुबूल कर चुकी है। उसने कहा कि वह नमाज पढ़ती है, तुम लोग भी पढ़ा करो। इस पर उन्होंने उसका कॉल सेंटर जाना बंद करा दिया। उसका मोबाइल फोन चेक किया तो पता चला कि उसमें राहिल ने इस्लाम धर्म से जुड़े कई वीडियो भेज रखे हैं। इनमें नमाज पढ़ने का तरीका भी है। इसके बाद वे लोग पुलिस के पास गए।
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ऐसे फंसाते थे जाल में
1. धर्म परिवर्तन कराने के लिए ऐसे लोगों को चुनते थे जो परिवार से भावनात्मक रूप से नहीं जुड़े होते थे या नाराज रहते थे।
2. ऐसे लोगों से भावनात्मक रूप से जुड़ जाते थे और खुद को भी उनकी तरह दुखी या परिवार से प्यार न पाने वाला बताते थे।
3. बातों-बातों मे उनके धर्म की आलोचना करते थे और अपने धर्म इस्लाम की खूबियां बताते थे।
4. इस्लाम को सबसे बेहतर धर्म बताकर मानसिक रूप से धर्म परिवर्तन के लिए तैयार करते थे।
5. जो भी गिरोह के सदस्य की बातों में फंस जाता, उसका धर्म परिवर्तन करा देते थे।
( जैसा पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बताया )
 
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