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Cash Van Robbery: दिल्ली से चोरी की गई थी कैश वैन डकैती में इस्तेमाल कार, नेपाल भागने की तैयारी में थे बदमाश

Thu, 14 May 2026 02:13 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद के कृष्णानगर बागू में एनएच-9 पर हुई कैश वैन डकैती मामले में एक और नया खुलासा हुआ है। कैश वैन डकैती में इस्तेमाल कार दिल्ली से चोरी की गई थी। कैश वैन चालक पर जुबैर और समीर ने दो गोलियां चलाई थीं। बदमाश नेपाल भागने की तैयारी में थे
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Ghaziabad Cash Van Robbery - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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गाजियाबाद के कृष्णानगर बागू में एनएच-9 पर छह मई को हुई कैश वैन डकैती की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल की गई सिल्वर रंग की बलेनो कार दिल्ली के तिलकनगर क्षेत्र से चोरी की गई थी। यह भी पता चला है कि वैन चालक को काबू में करने के लिए बदमाशों ने एक नहीं, बल्कि दो गोलियां चलाई थीं।
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पुलिस के अनुसार, कैशियर और सुरक्षाकर्मी के वैन से उतरने के करीब आठ मिनट बाद जुबैर, समीर व शोएब ने कैश वैन को घेर लिया था। चालक तेजपाल ने खतरा भांपते हुए वैन लॉक कर ली और ड्राइविंग सीट पर बैठा रहा। इस दौरान जुबैर ने पिस्टल दिखाकर उसे नीचे उतरने की धमकी दी, लेकिन विरोध करने पर चालक की ओर फायर कर दिया। गनीमत रही कि गोली वैन की खिड़की में धंस गई।

इसके बाद समीर ने कंडक्टर साइड से हवाई फायर कर चालक को डराया। दहशत में आए चालक ने वैन का लॉक खोल दिया और बदमाश उसको नीचे फेंककर कैश वैन लेकर फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया कि फिरोज और मोहम्मद कैफ चोरी की बलेनो कार से कैश वैन का पीछा कर रहे थे।

डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि डकैती में प्रयुक्त बलेनो कार अप्रैल 2026 में दिल्ली के तिलकनगर थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी। कार मालिक बलबीर कौर ने इसकी प्राथमिकी दर्ज करा रखी थी। 

 

उन्होंने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड जुबैर बेहद शातिर था। वारदात के बाद पुलिस को भ्रमित करने के लिए वह कई सीसीटीवी कैमरों के सामने लोगों से रास्ता पूछते हुए दिखाई दिया, लेकिन पूछे गए रास्ते पर न जाकर दूसरी दिशा में निकल जाता था।

 

नेपाल भागने की तैयारी में थे बदमाश
स्वाट टीम की जांच में सामने आया है कि डकैती में इस्तेमाल बलेनो कार की लोकेशन वारदात के बाद मुजफ्फरनगर, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल तक मिली थी। समीर, जुबैर का ममेरा भाई था। दोनों हमेशा साथ रहते थे।

मंगलवार को दोनों घर से कपड़े, आधार कार्ड और बैंक पासबुक लेने आए थे। वेव सिटी के डासना मोड़ पर उनकी मौजूदगी की सूचना पुलिस को मिली थी। आशंका है कि दोनों नेपाल भागने की फिराक में थे।

 

पोस्टमार्टम में देरी पर उठे सवाल
मंगलवार रात मुठभेड़ में पुलिस की गोली लगने से जुबैर और समीर की मौत हो गई थी, लेकिन बुधवार देर शाम तक दोनों के शव पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचाए गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शवों के एक्स-रे में देरी के कारण पोस्टमार्टम प्रक्रिया अटक गई। 

 

शाम करीब साढ़े सात बजे एक शव जिला अस्पताल ले जाया गया, जबकि चिकित्सक दूसरे शव का इंतजार करते रहे। दिनभर मृतकों के परिजन अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस के चक्कर लगाते रहे। विजयनगर के प्रताप विहार सेक्टर-12 स्थित दोनों आरोपियों के घरों में मातम पसरा रहा, लेकिन आसपास के लोगों ने परिवार से दूरी बनाए रखी।

मुख्य आरक्षी संदीप मलिक की हालत नाजुक
मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए। इनमें मुख्य आरक्षी संदीप मलिक की हालत गंभीर बनी हुई है। बदमाशों की गोली उनके पेट में लगी थी। उन्हें यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार को ऑपरेशन कर गोली निकाल दी गई।
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हालांकि, चिकित्सकों ने उनकी स्थिति अब भी चिंताजनक बताई है। एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मी का हालचाल लिया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
 
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