गाजियाबाद। स्मार्ट सिटी में शामिल होने के तीसरे प्रयास में भी गाजियाबाद जगह नहीं बना सका। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने शुक्रवार को स्मार्ट सिटी की रैंकिंग के आधार पर नई लिस्ट जारी की है, जिसमें गाजियाबाद का नाम नहीं है।
अलीगढ़, इलाहाबाद और झांसी तीसरे प्रयास की दौड़ में पास हो गए हैं। अब अंतिम 10 स्मार्ट सिटी में नाम शामिल कराने के लिए गाजियाबाद को अंतिम 20 शहरों के साथ मुकाबला करना होगा।
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू की ओर से स्मार्ट सिटी की लिस्ट किए जाने के साथ ही गाजियाबाद के वाशिंदों को मायूसी हाथ लगी। नगर निगम के अधिशासी अभियंता (स्मार्ट सिटी) संजय चौहान ने बताया कि तीसरी लिस्ट में 30 शहरों को शामिल किया गया है, लेकिन गाजियाबाद को इस बार भी जगह नहीं मिली है।
नगर निगम ने अपने स्तर से पूरी तैयारी की थी। विशेषज्ञों से प्रस्ताव तैयार कराया गया था, इसके साथ ही जनता से सुझाव लेकर उनका सहयोग भी लिया गया था। फिर भी गाजियाबाद तीसरे प्रयास में जगह बनाने में कामयाब नहीं रहा। इसके कारणों पर मंथन किया जाएगा और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रपोजल में इन क्षेत्रों को शामिल किया गया था
नगर निगम ने तीसरे चरण में वसुंधरा, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट-4, मंडी और वैशाली सेक्टर दो एवं मेट्रो स्टेशन के क्षेत्र को शामिल किया था। रिपोर्ट में करीब 1307 एकड़ क्षेत्र को शामिल किया गया, जिसके लिए 2822 करोड़ रुपये का बजट बनाया गया था।
निगम प्रशासन ने प्रपोजल को पास कराने के लिए 31 मार्च 2017 को प्रदेश सरकार के पास भेजा था। प्रस्ताव में नगर निगम ने मुख्य रूप से सड़क, पार्क, बिजली, ट्रांसपोर्ट, सौर ऊर्जा, फुटपाथ, अंडर ग्राउंड पार्किंग, सब्जी मंडी का सुंदरीकरण और मंडी के किसानों का कारोबार बढ़ाने के लिए तकनीक को शामिल किया गया था। प्रस्ताव पास होता तो अगले पांच वर्ष के लिए नगर निगम को 1000 करोड़ रुपये मिलते, बाकी धनराशि बाद में दी जाती।
यूपी के ये शहर हुए बाहर
स्मार्ट सिटी की तीसरी लिस्ट से प्रदेश में मेरठ, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद, रायबरेली, सहारनपुर व रामपुर हैं। जबकि लिस्ट में अलीगढ़, इलाहाबाद और झांसी को स्थान मिला है।
पूर्व के प्रपोजल का ब्यौरा
स्मार्ट सिटी का पहला प्रपोजल 31 दिसंबर 2015 को भेजा गया था। इसमें नंदग्राम, पटेल नगर, हिंडन विहार क्षेत्र को शामिल किया गया। नगर निगम ने करीब 1400 करोड़ का बजट बनाया था। दूसरी लिस्ट के लिए प्रपोजल 30 जून 2016 में लखनऊ भेजा गया था। निगम ने तब कौशांबी व वैशाली क्षेत्र को विकसित करने के लिए 1800 करोड़ का बजट बनाया था।
स्मार्ट सिटी की दौड़ के तीसरे प्रयास से गाजियाबाद के बाहर होने के कारणों का अभी पता नहीं चला है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद समीक्षा की जाएगी। खामियों के बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए अगले प्रस्ताव में दूर किया जाएगा। - सीपी सिंह, नगर आयुक्त