एनसीआर से जुड़े उत्तर प्रदेश के तीन जनपदों में सर्वाधिक 64 फीसदी भवनों का निर्माण अकेले गाजियाबाद में होगा। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में सितंबर माह में गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और मेरठ में कुल 12 प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए। 12 में से सात प्रोजेक्ट अकेले गाजियाबाद के हैं। एनसीआर के तीनों जनपदों के कुल प्रोजेक्ट में 3841 यूनिट फ्लैटों का निर्माण होना है। इसमें से गाजियाबाद में 2457 यूनिट भवनों का निर्माण होगा।
वहीं प्रदेश स्तर पर बनने वाले कुल 8116 फ्लैटों में से गाजियाबाद की विभिन्न परियोजनाओं में 30 प्रतिशत भवनों का निर्माण होगा। व्यापार और रोजगार के बेहतर अवसर को देखते हुए लोग एनसीआर में बसने को पहली प्राथमिकता दे रहे हैं।
एजुकेशन हब के नाम से मशहूर गाजियाबाद में देश के टॉप पब्लिक स्कूल और मैनेजमेंट कॉलेज हैं। वहीं प्रदेश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में महानगर के पांच से अधिक संस्थान शामिल हैं। ऐसे में निजी विकासकर्ता गाजियाबाद में नए आवासीय प्रोजेक्ट लाने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
भवनों की संख्या 2857 हो जाती
सितंबर के साथ अगस्त माह में भी गाजियाबाद में दो आवासीय प्रोजेक्ट का रेरा में पंजीकरण हुआ। इन दोनों परियोजनाओं में कुल 400 यूनिट भवनों का निर्माण होना है। ऐसे में अगस्त और सितंबर माह में कुल यूनिट भवनों की संख्या 2857 तक पहुंच जाती।
आगामी महीनों में और आएंगी परियोजनाएं
क्रेडाई एनसीआर के अध्यक्ष व गौड़ ग्रुप के सीएमडी मनोज गौड़ का कहना है कि एनसीआर का हिस्सा और राजधानी से निकटता के कारण आवासीय योजनाओं की मांग बढ़ी है। कोरोना के दो साल बाद रियल एस्टेट में बड़ा उछाल देखा गया है। आने वाले महीनों में एनसीआर क्षेत्र में और नई आवासीय प्रोजेक्ट पंजीकृत होते दिखेंगे।
सबसे बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ा रुझान
बीते एक दशक में हुए तमाम विकास कार्यों के कारण कनेक्टिविटी के मामले में गाजियाबाद ने एनसीआर ने लंबी छलांब लगाई है। बीते साल अप्रैल में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से नोएडा और दिल्ली का सफर घंटों की जगह मिनटों का रह गया। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के कारण शहर की अंदरूनी सड़कों पर लगने वाला वाहनों का रेला पूरी तरह से खत्म हो गया।
मेट्रो के कौशांबी से वैशाली ब्लू लाइन और शाहदरा से शहीद स्थल बस अड्ढा मेट्रो की रेड लाइन से सफर और आसान हो गया। इसकेबाद देश की सबसे लंबी सिंगल पिलर एलिवेटेड रोड, मेरठ रोड को एनएच-9 से जोड़ने वाली न्यू लिंक रोड ने यातायात को रफ्तार दी। अब मार्च 2023 में देश की पहली रीजनल रैपिड रेल गाजियाबाद में दौड़ेगी।