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कोराना डेस्क पर सामान्य मरीज भी पहुंच रहे इलाज कराने

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कोराना डेस्क पर सामान्य मरीज भी पहुंच रहे इलाज कराने
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गाजियाबाद। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए शासन ने सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं 25 तक बंद कर दी हैं। इस वजह से मरीज प्राइवेट अस्पतालों की तरफ रुख कर रहे हैं, लेकिन वहां पर भी मरीजों को दवाईयां लिखकर सरकारी अस्पताल की तरफ भेज रहे हैं। अमर उजाला की टीम सोमवार दोपहर 12 संयुक्त अस्पताल पहुंची, जहां पर ट्रामा सेंटर में बने इमरजेंसी में नाम मात्र के सिर्फ आठ मरीज इलाज कराने पहुंचे थे, जबकि अस्पताल के रैन बसेरे में बनी कोरोना फीवर डेस्क पर लोग जांच कराने के लिए पहुंच रहे थे। वहां पर मौजूद स्टाफ उनकी काउंसलिंग करके वापस घर भेज रहा था।
समय : 12.30 बजे दोपहर
अस्पताल के फीवर डेस्क पर महिला कोरोना जांच के लिए पहुंची। फीवर डेस्क पर मौजूद कर्मचारी शिवकुमार यादव आने वाले सभी लोगों का इंफ्रा रेड से तापमान जांच करने के बाद आगे भेज रहे थे। डेस्क पर मौजूद बाल रोग विशेषज्ञ डा. संजीव कुमार ने बताया कि ओपीडी बंद होने से लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए जा रहे हैं, लेकिन डाक्टर दवाई देने के बाद मरीजों को कोरोना जांच के लिए भेज रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुबह से दोपहर 12.15 तक 165 लोग जांच कराने के लिए पहुंच चुके हैं। इनमें से मात्र दो लोग ऐसे थे, जो विदेश से लौटकर आए थे। वह दोनों लोग प्राइवेट डाक्टर के पास जाने के बजाए सीधे फीवर डेस्क पर आए थे। उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भेजकर सैंपल कराया गया और दोनों वार्ड में भर्ती हैं।
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12.40 बजे दोपहर
संयुक्त अस्पताल की ओपीडी बंद होने के साथ ही कुछ मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे थे। वह डाक्टर के बारे में जानकारी ले रहे थे। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के बाहर वरिष्ठ परामर्शदाता खड़े थे। बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि दो संदिग्धों का सैंपल जांच के लिए एममएजी अस्पताल के आईडीएसपी लैब में जा रहा हूं। इतनी ही देर में एंबुलेंस आ गई और वह एमएमजी अस्पताल में चले गए। इमरजेंसी में पता चला कि सुबह से दोपहर तक सिर्फ 8 मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। उनमें से तीन को भर्ती किया गया जबकि तीन मरीजों को दवाई देकर वापस भेज दिया गया।
12.55 दोपहर
सीएमओ कार्यालय पहुंचने पर पता चला कि वहां पर अधिकांश कार्यालयों में ताला लटक रहा, जबकि सीएमओ कार्यालय का ताला खुला था, लेकिन गेट पर बाहर से चटखनी लगी थी। वहां पर न तो कोई कर्मचारी मौजूद था, न ही कोई अधिकारी मौजूद था।
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1.30 बजे
एमएमजी अस्पताल फीवर डेस्क
यहां पर त्वचा रोग विशेषज्ञ डा. एके दीक्षित और रेडियोलॉजिस्ट पंकज सिंह आने वाले मरीजों की जांच एवं काउंसलिंग कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सुबह से अब तक 156 लोग जांच कराने के लिए पहुंच चुके थे। इनमें से न तो कोई विदेश से आया था और न ही कोई किसी पॉजिटिव के संपर्क में आया था, इसलिए उन्हें काउंसलिंग के बाद वापस भेज दिया गया।
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