गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ रोड पर हरनंदीपुरम आवासीय योजना में जमीन खरीदने पर 2300 करोड़ से अधिक का खर्च आने का एस्टीमेट जीडीए ने तैयार किया है।
मंगलवार को मेरठ में जीडीए की बोर्ड बैठक में अनुमोदन के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा। वहीं, योजना में जमीन देने वाले किसानों को 10 फीसदी तक विकसित भूखंड देने का प्रस्ताव भी जीडीए ने तैयार किया है। जमीन खरीदने के लिए शासन की ओर से 400 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
2004 में मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना लाई गई थी। करीब 20 साल बाद हरनंदीपुरम आवासीय योजना लाई जा रही है। राजनगर एक्सटेंशन से सटे आठ गांवों की 501 हेक्टेयर जमीन पर यह योजना बसाई जानी है। इस योजना को विकसित करने पर करीब 15000 करोड़ की लागत का अनुमान लगाया गया है।
पहले चरण में पांच गांवों की जमीन क्रय करने करने की दिशा में काम शुरू हुआ है। पहले चरण में 120 हेक्टेयर में योजना पर काम होगा। इन गांवों की खसरा-खतौनी और जमीन के अन्य दस्तावेजों की जांच पूरी करने के साथ ही जमीन खरीदने के लिए दर का निर्धारण भी पिछले महीने हो चुका है।
जीडीए वीसी अतुल वत्स ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत शासन की ओर से 400 करोड़ रुपये जमीन खरीदने के लिए जारी हो चुके हैं। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन ली जाएगी।