मेरठ तिराहे पर निर्माणाधीन ग्रेड सेपरेटर (फ्लाईओवर) के लिए पर्यावरण मंत्रालय से जीडीए को अब तक एनओसी नहीं मिल पाई है। इससे जीडीए परेशान है क्योंकि मेरठ तिराहे को एनएच-24 से जोड़ने वाली निर्माणाधीन नई लिंक रोड को दशहरे से पहले ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा।
ग्रेड सेपरेटर न होने से नई लिंक रोड का ट्रैफिक मेरठ तिराहे पर जाम लगा देगा।जीडीए वीसी विजय यादव ने बताया कि नई लिंक रोड चालू होने से मेरठ तिराहे पर गाड़ियों का दबाव बढ़ जाएगा। इस दबाव से बचनेतिराहे को सिग्नल फ्री करने के लिए ही ग्रेड सेपरेटर का निर्माण किया जा रहा है।
सेपरेटर के रास्ते साईं उपवन के 64 पेड़ आ रहे हैं। इसके लिए करीब साल भर पहले पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी मांगी गई थी। उन्होंने कहा कि जीडीए की तरफ से एनओसी लेने की कोशिश जारी है।
उन्होंने कहा कि एनओसी मिलने के बाद सेपरेटर को पूरा करने में करीब दो महीने का समय लग जाएगा।दशहरे से पहले चालू हो जाएगी नई लिंक रोडवीसी ने बताया कि नई लिंक रोड के बीच निर्माणाधीन आरओबी का काम रेलवे तेजी से कर रहा है।
आरओबी पर एक तरफ स्लैब बिछाने का काम पूरा हो चुका है। 15 सितंबर तक दूसरी तरफ स्लैब बिछाने का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद आरओबी को रोड से अटैच करने का काम शेष रह जाएगा, जिसमें ज्यादा समय नहीं लगेगा।
उन्होंने कहा कि दशहरे से पहले इस रोड को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हिंडन पुल के पास निर्माणाधीन अंडरपास भी सितंबर के अंत तक तैयार हो जाएगा।