गाजियाबाद। ग्रैप तीन का कड़ाई से पालन कराने के लिए जीडीए एक्शन में आ गया है। राजनगर एक्सटेंशन में निरीक्षण के दौरान उल्लंघन पाए जाने कई बिल्डरों पर एक हफ्ते में पांच लाख से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। वहीं योजनाओं में विशेष रूप से पानी के छिड़काव, कंस्ट्रक्शन साइट पर ग्रीन नेट व सामग्रियों को ढककर रखने के निर्देश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं।
जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप तीन लगा हुआ है। जीडीए भी अपनी योजनाओं में ग्रैप तीन का पालन करा रहा है। जिन स्थानों पर भी उल्लंघन करने की शिकायत मिल रही है वहां जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही निजी बिल्डरों को भी एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल करने की हिदायत दी गई है। सुबह शाम पानी का छिड़काव कराने के लिए निर्देशित किया गया है।
जीडीए के सहायक अभियंता रुद्रेश शुक्ला ने बताया कि लगातार निगरानी की जा रही है। राजनगर एक्सटेंशन में बृहस्पतिवार को 30 हजार और एक हफ्ते में 10 से अधिक स्थानों पर उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है। इन स्थानों पर एंटी-स्मॉग गन बंद पाई गई थी। इसके साथ ही बिल्डर साइट पर खुले में निर्माण सामग्री रखी हुई पाई गई। अभी तक जीडीए पांच लाख से अधिक का जुर्माना लगा चुका है। एनजीटी के नियमों का पालन सख्ती से कराया जा रहा है। ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर रोक, धूल नियंत्रण उपायों पर जोर दिया जा रहा है।
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दोबारा उल्लंघन पाए जाने पर होगी एफआईआर
जीडीए का कहना है कि पहली बार उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना लगाया जा रहा है दूसरी बार उल्लंघन पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
क्या है नियम
सी एंड डी वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के अनुसार निर्माण स्थलों पर बाड़ाबंदी, पानी का छिड़काव, धूल रोधी नेट, एंटी-स्मॉग गन और मैकेनिकल स्वीपिंग अनिवार्य है। ग्रैंप तीन में वर्तमान चरण के तहत सभी निर्माण गतिविधियां अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश जारी किया गया है। मानकों के अनुसार प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों, खुले में निर्माण सामग्री रखने और सड़क पर कचरा या सी एंड डी वेस्ट फैलाने पर 10000 से 5 लाख रुपये तक का अर्थदंड निर्धारित है।
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