गाजियाबाद। रेलवे यार्ड में ओएचई संपर्क तार बदलने और तकनीकी रखरखाव का काम रविवार रात पूरा हो गया। इसके बाद ट्रेनों का संचालन पूर्व समय सारिणी के अनुसार शुरू कर दिया गया है। हालांकि, यात्रियों को सिर्फ चार दिन की राहत मिलेगी। 25 सितंबर से चार अक्तूबर तक गाजियाबाद स्टेशन पर फिर 10 दिन का मेगा ब्लॉक रहेगा। इस दौरान कई ट्रेनें निरस्त रहेंगी, जबकि बड़ी संख्या में ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले जाएंगे। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
रेलवे यार्ड में ओएचई संपर्क तार बदलने के लिए विशेष ब्लॉक पहले 19 सितंबर तक निर्धारित था। काम की समीक्षा और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए इसकी अवधि बढ़ाकर 20 सितंबर कर दी गई थी। इस दौरान प्रतिदिन तीन-तीन घंटे का विशेष पावर और ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया।
इसका सबसे ज्यादा असर पैसेंजर और लोकल ट्रेनों पर पड़ा। रविवार सहित कई तारीखों पर बरेली-दिल्ली जंक्शन (54075/54076) और दिल्ली जंक्शन-सतरौद (54085/54086) जैसी पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया। इसके अलावा एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों को रास्ते में रोककर चलाया गया। कुछ ट्रेनों का मार्ग बदलकर मेरठ सिटी और अन्य वैकल्पिक रूटों से संचालन किया गया।
25 से फिर झेलनी होगी परेशानी
रेलवे प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, गाजियाबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर पटरियों और स्लीपरों को बदलने का कार्य होना है। इसके लिए 25 सितंबर से चार अक्तूबर तक 10 दिन का मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान दिल्ली, मेरठ, पलवल और मुरादाबाद रूट की करीब 18 लोकल ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रहेंगी। करीब 45 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म बदले जाएंगे।
यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए रेलवे ने पहले ही सूचना जारी की है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा की योजना पहले से बनाने की अपील की है। घर से निकलने से पहले नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) मोबाइल ऐप या रेलवे की हेल्पलाइन 139 पर संपर्क कर ट्रेन का लाइव स्टेटस जांचने के लिए कहा गया है।