महामाया स्पोर्ट्स स्टेडियम में बदहाल पड़ा जिम। संवाद
गाजियाबाद। महामाया स्पोर्ट्स स्टेडियम में करीब दो साल से बंद पड़ा आधुनिक जिम एक जुलाई से खिलाड़ियों के लिए खोल दिया जाएगा। खेल विभाग ने जिम के संचालन की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। सबसे बड़ी राहत यह है कि अब स्टेडियम में पंजीकृत खिलाड़ियों को महज 310 रुपये के वार्षिक शुल्क में खेल प्रशिक्षण के साथ जिम की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए अलग से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
दो साल पहले तक खिलाड़ियों को जिम में अभ्यास के लिए अलग से शुल्क देना पड़ता था। छह माह पहले जिम का शुल्क बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया था। जो की खिलाड़ियों की जेब पर बोझ था। ऐसे में विभाग ने खिलाड़ियों की सुविधा और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिम को स्टेडियम कार्ड में ही शामिल करने का निर्णय लिया है। इससे खिलाड़ियों को फिटनेस प्रशिक्षण के लिए अतिरिक्त खर्च नहीं देना पड़ेगा।
स्टेडियम में प्रतिदिन करीब 250 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न खेलों का अभ्यास करने आते हैं। स्टेडियम की किसी भी खेल गतिविधि से जुड़ने के लिए सबसे पहले 10 रुपये का पंजीकरण शुल्क जमा करना होता है। इसके बाद 18 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ियों के लिए वार्षिक शुल्क 210 रुपये व 18 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ियों के लिए 310 रुपये निर्धारित है। इसी शुल्क में अब जिम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिम की सभी तैयारियां पूरी, एसी लगते ही होगा संचालन-
क्रीड़ा अधिकारी राम मिलन ने बताया कि जिम में सभी आधुनिक मशीनें स्थापित कर दी गई हैं। सुरक्षा संबंधी सभी इंतजाम भी पूरे कर लिए गए हैं। केवल छह एयर कंडीशनर लगाए जाने का कार्य शेष है। इसके पूरा होते ही जिम खिलाड़ियों के लिए खोल दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि नियमित फिटनेस प्रशिक्षण से खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार होगा और उन्हें बाहर निजी जिम का रुख नहीं करना पड़ेगा।
शौकिया खिलाड़ियों के लिए अलग रहेगा शुल्क
विभाग ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा केवल स्टेडियम में पंजीकृत खिलाड़ियों के लिए होगी। वहीं, शौकिया खिलाड़ियों को निर्धारित शुल्क देना होगा। उनके लिए जिम का मासिक शुल्क 1500 रुपये, तरणताल के लिए 1000 रुपये और बैडमिंटन की सुविधा के लिए भी 1000 रुपये निर्धारित है।