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Ghaziabad News: सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर को डिजिटल अरेस्ट कर 2.19 करोड़ रुपये ठगे

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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने सेंट्रल बैंक के सेवानिवृत्त मैनेजर राम प्रकाश हुर्रिया (84) को आठ घंटों तक डिजिटल अरेस्ट कर 2.19 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। अनजान नंबर से कॉल करने वाले ठग ने खुद को ईडी विभाग से बताया और उनके खाते में 6.80 करोड़ रुपये मनी लॉन्ड्रिंग होने का दावा किया।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि रामप्रस्थ कॉलोनी में रहने वाले रामप्रकाश हुर्रिया के मुताबिक 22 मई को उनके मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप कॉल आई। कॉलर ने अपना नाम विजय खन्ना थाना दरियागंज दिल्ली बताया। धमकी दी कि उनके नाम से 6.80 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं। 23 मई को रोहित गुप्ता नाम के व्यक्ति की वीडियो कॉल आई और खुद को ईडी विभाग से बताया। जांच में सहयोग करने पर घर बैठे जमानत होने का आश्वासन दिया और वीडियो कॉल पर जज के वेश में बैठे युवक से बात कराई। कथित जज ने बताया कि वह सारी संपत्ति की जांच कर कब्जे में लेंगे उसके बाद ही जमानत हो पाएगी और पैसा भी वापस कर दिया जाएगा। इस दौरान ठगों ने उन्हें करीब आठ घंटों तक डिजिटल अरेस्ट रखा और घर के सदस्यों की बाबत जानकारी ली। साथ ही पीड़ित ने जांच के नाम पर 2.19 करोड़ रुपये पांच ट्रांजक्शन में साइबर ठगों को ट्रांसफर कर दिए।

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बदनामी हुई तो नहीं होगी पौत्री की शादी

साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के दौरान पीड़ित पर दबाव बनाने के लिए बताया कि वह मामले की जांच कर रहे हैं। धमकी दी कि यदि किसी से विभागीय जांच साझा की तो बदनामी होने पर उनकी पौत्री की शादी भी नहीं होगी, बुजुर्गावस्था में जेल जाना पड़ेगा। इससे भयभीत पीड़ित ने धनराशि ट्रांसफर कर दी। भयभीत बजुर्ग ने लॉकर में रखे सोने के जेवर पर 50 लाख रुपये का ऋण लेकर 25 मई से चार जून तक साइबर ठगों को धनराशि ट्रांसफर की। इसके बाद भी ठग लगातार पीड़ित के संपर्क में रहे। जब उनके खाते में धनराशि वापस नहीं आई तो उन्हें संदेह हुआ और साइबर थाने में केस दर्ज कराया। बता दें कि पीड़ित रामप्रकाश हुर्रिया मेरठ, कड़कड़डूमा और सहारनपुर में स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में बतौर प्रबंधक के रूप में तैनात रहे हैं।
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14 लाख फ्रीज, 82 लाख फ्रीज कराने का भेजा पत्र

एडीसीपी ने बताया कि साइबर ठगी के कई दिन बाद पीड़ित ने केस दर्ज कराया। इसके बावजूद टीम ने 14 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं। अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर हुई धनराशि में से 82 लाख रुपये फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंकों से समन्वय स्थापित किया गया है। बताया कि ठगों ने कंबोडिया से पीड़ित को अपना शिकार बनाया।
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