गाजियाबाद। साहिबाबाद क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में मेरठ के इटारा खरखौदा निवासी सचिन को दोषी ठहराते हुए अदालत ने दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार-प्रथम ने कहा कि वर्ष 2007 में दर्ज मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
मामला थाना साहिबाबाद में विनोद कुमार शर्मा की तहरीर पर दर्ज किया गया था। आरोप था कि सचिन ने टाटा इंडिका कार को तेज गति और लापरवाही से चलाते हुए टक्कर मार दी, जिससे एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में हुई। अदालत ने सचिन को लापरवाही से वाहन चलाने और गंभीर चोट पहुंचाने के अपराध में दोषी पाया।
अदालत ने लापरवाही से वाहन चलाने के अपराध में एक हजार रुपये और चोट पहुंचाने के अपराध में एक हजार रुपये का जुर्माना तय किया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माना जमा न करने की स्थिति में प्रत्येक अपराध के लिए छह-छह दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा।