गाजियाबाद। गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर काम करने वाले कर्मचारियों को सैलरी उनके एकाउंट में ही ट्रांसफर की जाएगी। गैस कंपनियों ने इस संबंध में सभी एजेंसी संचालकाें को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है।
एजेंसी संचालक अपने स्तर से कर्मचारियों का एकाउंट खुलवाएंगे। दूसरी ओर कैश की कमी से जूझ रहे बैंकों ने एडवांस में लोगों को टोकन देना शुरू कर दिया है। ताकि वह जिस डेट पर आए, उन्हें कैश दिया जा सके।
गैस एजेंसी और पेट्रोल पंपों पर कार्य करने वाले सेल्समैन व अन्य कर्मचारियों की एजेंसी संचालक एकाउंट में सैलरी देंगे। पहले अधिकांश संचालक कैश में सैलरी देते थे। गैस कंपनियों ने इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
गैस डिस्ट्रीब्यूटर ईरेश कुमार ने बताया कि कंपनियों से ई-मेल आई हैं कि एजेंसी में जितने कर्मचारी काम करतेे हैं, उन्हें सैलरी या तो एकाउंट में ट्रांसफर की जाए या फिर चेक दिया जाए। नए नियम से पारदर्शिता आएगी। साथ ही कंपनियों को भी पता रहेगा कि कर्मचारियों को कितनी सैलरी मिलती है।
ग्राहकों को एडवांस में दे रहे टोकन:
बैंकों के बाहर ग्राहकों की भीड़ कम करने के लिए बैंक प्रबंधन टोकन दे रहे हैं। मालीवाड़ा स्थितकेनरा बैंक के चीफ मैनेजर वीपी सिंह ने बताया कि बैंक को जितना कैश मिलता है, उसके मुताबिक ग्राहकों को टोकन दिया जाता है। सुविधा के लिए प्रत्येक ग्राहक को एक बार में 10 हजार रुपये दिया जा रहा है। ताकि कैश के हिसाब से ज्यादा से ज्यादा लोगों की जरूरत को पूरा किया जा सके।
आज मचेगी ज्यादा मारामारी
एकाउंट से कैश निकालने पर बृहस्पतिवार को मारामारी ज्यादा होगी। माह की पहली तारीख होने की वजह से सरकारी कर्मचारियों को सैलरी और पेंशन धारकों को पेंशन निकालने के लिए बैंक जाना पडे़गा।
सूत्रों के मुताबिक बैंकों के पास पहले से ही कैश की कमी है। ऐसी स्थिति में यदि सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक भी कैश निकालने आ गए तो स्थिति कैसे संभलेगी। लीड बैंक अधिकारी आरएस मीणा ने बताया कि कोशिश रहेगी कि हर बैंक को पर्याप्त मात्रा में कैश मिल जाए।
बैंक प्रबंधक के ऊपर है कि वह भीड़ को कैसे मैनेज करें। हर व्यक्ति को थोड़ा बहुत कैश मिल जाए यही होना चाहिए। उधर, बैंक कर्मचारी भी अपने एकाउंट से कैश निकालेंगे। ऐसी स्थिति में हंगामा होने के आसार ज्यादा होंगे।