शहर में मंगलवार सुबह से कूड़ा नहीं उठेगा। रात 12 बजे से रोडवेज बसों के चक्के भी थम गए। दरअसल, मंगलवार से प्रदेश भर में 28 विभागों के कर्मचारी वेतन विसंगतियों को दूर करने, छठे वेतनमान की विसंगतियों को दूर करने, 7वें वेतनमान को लागू करने समेत 18 सूत्री मांगों को लेकर महाहड़ताल पर चले गए हैं।
प्रदेश के सभी नगर निगमों, परिवहन निगम, राजकीय वाहन चालक संघ समेत अन्य विभागों के कर्मचारी काम काज ठप रखेंगे। ऐसे में मंगलवार से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
नगर निगम वाहन चालक संघ के महामंत्री सलीम अब्बासी ने बताया कि मंगलवार सुबह से कूड़ा उठाने वाले 200 वाहनों का चक्का जाम कर दिया जाएगा।
सभी निगम अधिकारियों की गाड़ियां भी नहीं चलाई जाएंगी
हड़ताल
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इसके अलावा नगर आयुक्त, महापौर समेत सभी निगम अधिकारियों की गाड़ियां भी नहीं चलाई जाएंगी। ड्राइवर हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने बताया कि उनकी हड़ताल में जलकल विभाग, पथ प्रकाश विभाग, टैक्स विभाग के कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। मंगलवार सुबह पानी की आपूर्ति ठप करने का भी निर्णय लिया जा सकता है।
उधर, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की क्षेत्रीय प्रबंध समिति ने सोमवार को गाजियाबाद में बैठक कर हड़ताल की रणनीति तैयार की। क्षेत्रीय अध्यक्ष गुलजार अहमद और क्षेत्रीय मंत्री सुभाष चंद शर्मा ने बताया कि 910 परिचालकों के पदों पर संविदा परिचालकों की नियुक्ति व कार्यशाला के कर्मचारियों को वर्दी दिए जाने,
एक जनवरी 2006 से छठे वेतनमान का लाभ दिए जाने समेत कई मांगें लंबे समय से अटकी हुई हैं। उन्होंने बताया कि 20 सितंबर की रात 12 बजे से सभी रोडवेज बसों का चक्का जाम कर दिया जाएगा।
बैठक में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष जयपाल सिंह, प्रांतीय प्रतिनिधि कुंवरपाल सिंह, रामेंद्र शर्मा, बृजपाल सिंह, जीतपाल सिंह, उमरदीन, ओमपाल सिंह मौजूद रहे।