आरटीआई एक्टिविस्ट और स्कूल मामले में जनहित याचिका लगाने वाले राशिद वर्सी अली कहते हैं कि दिसंबर तक इस ढेर का हटना मुश्किल नजर आ रहा है, क्योंकि एक तरफ कूड़ा कंपनी फिल्टर कर रही है, दूसरी ओर नगर पालिका अभी तक यहीं कूड़ा डाल रही है।
गाजियाबाद के लोनी के मुस्तफाबाद में तीन करोड़ की लागत से स्कूल बना, लेकिन एक भी दिन कक्षाएं नहीं लगीं, क्योंकि स्कूल के पास कूड़ा डाला जाने लगा। जिससे आज राजकीय मॉडल बालक विद्यालय के चारों ओर 7200 मीट्रिक टन कूड़ा जमा हो गया है। जिसे हटाने के लिए 17 करोड़ का टेंडर दिया गया है और 30 दिसंबर तक इसे हटाने का दावा किया जा रहा है।
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बताया जा रहा है कि यूपी में ऐसे 85 स्कूल चिह्नित किए गए हैं। जनता का पैसा लापरवाही से कैसे बर्बाद होता है, आप इस कूड़े के ढेर को देखकर अंदाजा लगा सकते हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट और स्कूल मामले में जनहित याचिका लगाने वाले राशिद वर्सी अली कहते हैं कि दिसंबर तक इस ढेर का हटना मुश्किल नजर आ रहा है, क्योंकि एक तरफ कूड़ा कंपनी फिल्टर कर रही है, दूसरी ओर नगर पालिका अभी तक यहीं कूड़ा डाल रही है।