दूधेश्वरनाथ मंदिर में शिवरात्रि की तैयारी करवाते पार्षद जाकिर सैफी
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धर्म भले ही अलग हो लेकिन धार्मिक स्थल पर राष्ट्रीय एकता और आपसी भाईचारे का संदेश शहर में हमेशा मिलता है। ऐसी ही गंगा-जमुनी तहजीब की छटा शिवरात्रि पर दूधेश्वरनाथ मंदिर में देखने को मिल रही है।
शिवरात्रि की तैयारी में मंदिर को सजाने संवारने का काम केवल हिंदू सेवक ही नहीं कर रहे बल्कि मुस्लिम भी भोले के भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था देख रहे हैं। एकता और अखंडता के प्रतीक दूधेश्वरनाथ मंदिर के आस-पास मुस्लिम आबादी है।
मंदिर में होने वाले व्रत त्योहार के उत्सवों में वह मंदिर परिसर की व्यवस्था बनाने में बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग करते हैं। स्थानीय पार्षद जाकिर सैफी मुस्लिमों का नेतृत्व करते हैं। स्वयं पार्षद जाकिर सैफी अभी से मंदिर की साफ-सफाई की व्यवस्था में लगे हुए हैं।
मंदिर के महंत नारायण गिरी ने बताया कि मंदिर में किसी भी उत्सव पर व्यवस्था बनाने में जाकिर सैफी हमेशा से बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं। उनके साथ ही आस-पास के कुछ और मुस्लिम भाई भी अपना योगदान देते हैं।
सावन माह में जब कांवड़ियों द्वारा मंदिर में जलाभिषेक होता है, कैला भट्टा के मुस्लिम भाइयों द्वारा कांवड़ियों के लिए भंडारा व सेवा कैंप भी लगाया जाता रहा है। शिवरात्रि से पूर्व भी उन्होंने मंदिर में साफ-सफाई के व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली है।
इसके साथ ही नगर निगम द्वारा भी जो सेवाएं मंदिर को प्राप्त होती हैं वह पार्षद के माध्यम से ही होती है। शिवरात्रि वाले दिन भी जाकिर सैफी की जिम्मेदारी मंदिर में शिव भक्तों गंगाजल उपलब्ध कराने से लेकर, सफाई और लाइटिंग व्यवस्था की जिम्मेदारी रहेगी।