मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में गंगाजल प्लांट बनाने से पहले जल निगम को अतिरिक्त गंगाजल का इंतजाम करना होगा। इसके लिए सिंचाई विभाग से सहमति भी लेनी होगी।
जल निगम ने सिंचाई विभाग से एनओसी के लिए शासन को पत्र भेजा है। इस पर मंजूरी मिलने के बाद ही जल निगम के इंजीनियर गंगाजल प्लांट की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करेंगे।
जीडीए और नगर निगम ने करीब डेढ़ साल पहले जल निगम को मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना में 100 क्यूसेक क्षमता का गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का प्रपोजल दिया था। इस प्लांट से जीडीए की मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना और टीएचए की कालोनियों को गंगाजल आपूर्ति दी जाने की योजना है।
प्लांट का निर्माण जल निगम को करना है। जल निगम ने प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसके निर्माण पर करीब 550 करोड़ रुपये खर्च होंगे और मुरादनगर गंगनहर से गंगाजल मधुबन-बापूधाम योजना तक लाया जाएगा।
प्लांट बनाने से पहले सिंचाई विभाग से पानी लेने के लिए सहमति लेनी होगी। खेती की सिंचाई और दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद की आपूर्ति के बाद पानी अतिरिक्त हुआ तो सिंचाई विभाग जल निगम को मंजूरी देगा।
जल निगम के अधीक्षण अभियंता केशव गुप्ता ने बताया कि शासन को पत्र भेजा गया है। सिंचाई विभाग से मंजूरी मिलने के बाद प्लांट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ‘अमृत’ योजना में केंद्र सरकार से फंड की डिमांड की जाएगी।