गाजियाबाद। क्राइम ब्रांच और कविनगर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों से अपराधियों की जमानत कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के शातिर सदस्य भू-लेख पोर्टल से किसानों की जमीन के दस्तावेजों का प्रिंट निकालकर उसमें नाम और फोटो बदलकर फर्जी कागजात तैयार करते थे। पुलिस ने गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आठ सदस्य अभी पकड़ से बाहर हैं। पकड़े गए जालसाज जमानत के लिए ऑनलाइन खतौनी निकालकर नाम, पता बदलने के साथ ही उस पर अपना फोटो लगाकर फर्जी आधार कार्ड बनाते थे। खतौनी पर जन सेवा केंद्र की मोहर लगाकर प्रमाणित कर लेते थे। इसके बाद जिस थाने से जमानतियों का सत्यापन होना होता था उस थाने की फर्जी मोहर लगाकर कोर्ट में पेश कर देते थे। एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि अब तक करीब 600 से 700 लोगों की जमानत यह गिरोह करा चुका है। फर्जी जमानत पाने वालों की अब टीम जांच करेगी।पकड़े गए शातिरों से लैपटॉप, 21 फर्जी आधार कार्ड, 18 फर्जी खतौनी, पांच बेल बांड, रसीदी टिकट व विभिन्न थानों की दस मोहरें बरामद की गई हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
एडीसीपी के अनुसार गिरोह के सदस्य अपराधियों की जमानत के अनुसार पैसे वसूलते थे। 20 से 30 हजार के जमानतियों का प्रबंध करने के लिए पांच से सात हजार और 40 से 50 हजार रुपये की जमानत के लिए सात से 10 हजार रुपये उन्होंने रेट तय कर रखा था। 50 हजार रुपये से अधिक की जमानत के लिए 30 से 40 हजार रुपये लेते थे। 50 हजार रुपये तक की जमानत पर पुलिस सत्यापन नहीं होता। ऐसे में 50 हजार रुपये से अधिक की जमानत के लिए थाने की नकली मोहर बनाकर खुद सत्यापन कर लेते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम मुल्तान नगर मंदिर वाली गली बागपत रोड मेरठ निवासी अनोज यादव, डासना मोहल्ला बाजिगरान थाना मसूरी निवासी इसरार, भूपेंद्रपुरी मोदीनगर निवासी बबलू, ग्राम फफराना थाना मोदीनगर निवासी लोकेंद्र, सुभाषनगर घूकना निवासी राहुल शर्मा, मोदीनगर व ग्राम बिजवाड़ा कोतवाली बागपत निवासी सुनील कुमार कृष्ण जाट और मुलह पुरवा लखीमपुर खीरी, हाल पता राजनगर गाजियाबाद निवासी विकास राजपूत बताए।
गिरोह में महिलाएं भी शामिल
एडीसीपी क्राइम का कहना है कि पकड़े गए लोगों का संगठित गिरोह है, जिसमें महिलाएं भी शामिल हैं। गिरोह के अन्य लोगों में राजकुमार, वीरू, मुर्सलीन, इरफान, इकराम, चंचल पत्नी रिजवान, भूषण, राकेश, विपिन त्यागी, महीपाल, राशिद उर्फ काला, सोनिया आदि हैं। ये सभी लोग कचहरी में रहकर विभिन्न अपराधों में जेल में निरुद्ध ऐसे अभियुक्तों की फर्जी जमानत कराते हैं। इन सभी आरोपियों को भी पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी।