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फूडवैन हो या परचून की दुकान, अब करो ई-पेमेंट

Wed, 16 Nov 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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ई-पेमेंट - फोटो : demo pic
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1000-500 के नोट बंद होने के बाद कैश और खुले पैसे की समस्या झेल रहे लोगों के लिए अब छोटे दुकानदार ई-पेमेंट का ऑप्शन दे रहे हैं। ट्रांस हिंडन की छोटी-छोटी दुकानों पर अब ई-पेमेंट की सुविधा लोगों को मिल रही है। इससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। पेटीएम और वीजा जैसे एप इंस्टॉल कर लोग दुकानों पर अब आसानी से सामान खरीद पा रहे हैं।
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नोट बंद होने के बाद से बैंक और एटीएम के बाहर दिन भर लंबी कतारें लग रही हैं, जो लोग बैंक से रुपये एक्सचेंज करा पा रहे हैं, उन्हें भी 2000 के नोट मिल रहे हैं। ऐसे में सड़क पर सामान बेचने वाली फूडवैन, परचून की दुकान, सब्जी और चाय वालों के पास खुले  की समस्या हो गई है। इसे देखते हुए अब कुछ दुकानदारों ने ऑनलाइन पेमेंट लेना शुरू कर दिया है।

वैशाली सेक्टर-4 में फूडवैन संचालक नवनीत कुमार ने बताया कि कैश नहीं होने के चलते बीते तीन दिन से बिक्री पूरी तरह ठप हो गई थी, जिसके बाद मंगलवार सुबह पेटीएम अकाउंट खुलवाया है। दिन भर स्टूडेंट और अन्य युवाओं ने आसानी से पेटीएम से पेमेंट की है। इस तरह खुले पैसे की समस्या का समाधान हो गया है।
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शालीमार गार्डन में कार एसेसरीज की दुकान चलाने वाले अनूप खन्ना ने बताया कि पेटीएम और वीजा का अकाउंट खुलवाया है। अब पुराने नोट लेने के बजाए ऑनलाइन पेमेंट ले रहे हैं।
वहीं, पेटीएम की तर्ज पर एटीएम और डेबिट कार्ड संचालक बैंक भी ऑनलाइन अकाउंट की सुविधा दे रहे हैं।

अकाउंट ओपन होने के बाद ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए लोग आसानी से छोटी से छोटी पेमेंट सीधे किसी और के अकाउंट में कर सकते हैं।तीन दिन से घर से बाहर कुछ भी खाना-पीना बंद था मगर अब ई-पेमेंट के जरिए आसानी से स्ट्रीट फूड भी खा सकते हैं। सभी दुकानदारों को अपना ऑनलाइन वॉलेट बनवा लेना चाहिए।
- वंदना,  छात्रा

दो दिन लाइन में लगने के बाद बैंक से दो हजार रुपये निकाल सका, जिससे घर का राशन आ गया। कुछ चीजें बाकी रह गईं थीं, जिन्हें ई-पेमेंट के जरिए पास की परचून की दुकान से खरीदा है।
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- यदुवीर, कंपनीकर्मी
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