गाजियाबाद। आईजीएल कनेक्शन के नाम पर लोगों की जेब काट कर साइबर ठग सोने की ज्वैलरी में निवेश कर रहे हैं। यह खुलासा साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई के बाद हुआ है।आरोपियों ने आईजीएल कनेक्शन काटने का भय दिखाकर 26 लाख रुपये की ठगी में कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपी कोलकाता में तनिष्क शोरूम में क्रेडिट नोट के जरिये ज्वेलरी खरीदने और विभिन्न मर्चेंट प्लेटफार्म पर भुगतान करते थे। आरोपी के पास से चार चेक बुक, नौ सिम कार्ड और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आशीष कुमार साह निवासी नागेंद्र नाथ रोड, थाना दमदम नाथूनपल्ली जनपद कोलकाता वेस्ट बंगाल और मूल निवासी न्यू कालोनी बेतिया जनपद पश्चिमी चंपारण बिहार के रूप में हुई है। उसे कोलकाता के बागूआटी से पकड़कर ट्रांजिट रिमांड पर गाजियाबाद लाया गया। आरोपी आशीष ने कौशांबी निवासी अशोक कुमार महेश्वरी से 18.69 लाख रुपये और राजनगर एक्सटेंशन की सोसायटी निवासी संजय कुमार से आईजीएल नाम से एपीके फाइल भेजकर आठ लाख रुपये की ठगी की थी। इस राशि का इस्तेमाल तनिष्क शोरूम से ज्वेलरी खरीदने और विभिन्न मर्चेंट प्लेटफॉर्म पर भुगतान करने के लिए किया गया। आरोपी गैस कनेक्शन को अपडेट कराने के नाम पर लोगों को ठगते थे। आशीष ने बताया कि वह शमशीर हुसैन और दादा नामक व्यक्ति के कहने पर तनिष्क शोरूम से ज्वेलरी इकट्ठा करता था। उसे हर बार ज्वेलरी लेने के बदले 20-25 हजार रुपये मिलते थे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने 24 कैरेट के लाखों रुपये कीमत के सोने के बिस्किट दादा नाम के व्यक्ति को दिए थे।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा आरोपी
दादा क्रेडिट नोट के माध्यम से पहले ही भुगतान कर चुका होता था, इसकी जानकारी शोरूम स्टाफ को भी होती थी। तनिष्क शोरूम से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में आशीष कुमार साह ज्वेलरी लेते हुए दिखाई दे रहा है। बैंक खातों के स्टेटमेंट के आधार पर अन्य धोखाधड़ी की घटनाओं का भी पता लगाया जा रहा है। इस गैंग के मुख्य सदस्य दादा और शमशीर हुसैन अभी फरार हैं। साइबर क्राइम टीम उनकी तलाश कर रही है।