एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि पीड़ित ऋषभ तोमर जो कि मसर्स माइक्रोस आईटी सॉल्यूशन के मालिक हैं और राहुल कुलश्रेष्ठ जो मेसर्स डीटोक्स डिजिटल के मालिक हैं, पिछले कई सालों से एक साथ काम कर रहे थे। ऋषभ तोमर ने आरोप लगाया है कि अप्रैल 2023 तक सब कुछ ठीक था, लेकिन उसके बाद राहुल कुलश्रेष्ठ ने उनकी कंपनी के अकाउंट डिपार्टमेंट को फर्जी बिल भेजना शुरू कर दिया और पैसे लेते रहे। जब ऋषभ तोमर ने काम न मिलने पर राहुल कुलश्रेष्ठ से अपना हिसाब मांगा, तो राहुल ने यह कहकर टाल दिया कि जल्द ही काम मिलेगा। हालांकि, बाद में उन्हें पता चला कि राहुल कुलश्रेष्ठ की कंपनी या ऑफिस जैसी कोई चीज अब मौजूद नहीं है। शिकायतकर्ता ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी प्राप्त की, जिससे यह खुलासा हुआ कि राहुल कुलश्रेष्ठ ने जितने भी दस्तावेज दिए थे, वे सभी फर्जी थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब ऋषभ तोमर ने अपने पैसे वापस मांगे तो राहुल कुलश्रेष्ठ ने उन्हें धमकी दी और कहा कि पुलिस में उनकी अच्छी पकड़ है और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। एसीपी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
..