गाजियाबाद के कवि नगर थाना क्षेत्र के आरडीसी राजनगर स्थित फेडरल बैंक की शाखा में नकली सोने को असली बताकर गिरवी रखने और ₹1.46 करोड़ से अधिक का गोल्ड लोन हड़पने का बड़ा मामला सामने आया है। बैंक की वरिष्ठ प्रबंधक एवं शाखा प्रमुख शाजिया बानो की शिकायत पर पुलिस ने 18 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रैंडम चेकिंग में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा, सीसीटीवी में कैद हुए आरोपी
शिकायत के अनुसार, 10 जून 2026 को आरोपी दीपांशु बंसल अपने एक साथी के साथ गोल्ड लोन लेने के लिए फेडरल बैंक की आरडीसी शाखा पहुंचा था। उनके साथ बिजनेस करेस्पॉन्डेंट कंपनी 'रूपीक फिनटेक' का प्रतिनिधि हर्ष और बैंक की मान्यता प्राप्त वैलुएशन एजेंसी 'फोबोस गोल्ड' का अधिकृत वैलुअर दीपक ढल्ला भी मौजूद थे। वैलुअर ने जेवरों की जांच कर उन्हें असली प्रमाणित किया था।
हालांकि, लोन प्रक्रिया के दौरान जब बैंक अधिकारियों ने रैंडम चेकिंग के तहत जेवरों की दोबारा जांच की, तो वे पूरी तरह नकली निकले। धोखाधड़ी का शक होते ही बैंक कर्मियों ने आरोपियों को रोकने का प्रयास किया और तुरंत पुलिस को सूचित किया, लेकिन आरोपी चकमा देकर मौके से भाग निकले। यह पूरी घटना बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गई।
आंतरिक जांच में खुले 20 खातों के राज
घटना के बाद बैंक प्रबंधन ने पूर्व में स्वीकृत कराए गए अन्य गोल्ड लोन खातों का ऑडिट और गहन निरीक्षण कराया। दूसरी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने पर परत-दर-परत गिरोह की साजिश का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि रूपीक फिनटेक के अधिकारियों (हर्ष व अनुराग सिंह) और वैलुअर दीपक ढल्ला की मिलीभगत से कुल 20 खातों में नकली सोना गिरवी रखकर ₹1,46,54,249 (लगभग 1.46 करोड़ रुपये) का लोन पास कराया गया था।
18 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज
कवि नगर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
नामजद आरोपियों की सूची
दीपांशु बंसल
मयूर बंसल
शहजाद खान
सिद्धार्थ पांडे
अलिबिन हुसैन
विकास
कविता
वसीम अब्बास
अश्वनी
मुकुल कुमार
साहिल सिंह
अंकुर राजपूत
धर्मवीर राम
मौसीम खान
कैफ नौमान
हर्ष (रूपीक फिनटेक)
दीपक ढल्ला (गोल्ड वैलुअर - फोबोस गोल्ड)
अनुराग (रूपीक फिनटेक)