फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौ साल का केस... चार साल की सजा: कुत्ते के भौंकने पर मालिक पर किया था जानलेना हमला, जानें पूरा मामला

Thu, 19 Dec 2024 06:44 PM IST
अनुज कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर

सार

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कुत्ते के भौंकने पर मालिक को पीटने के मामले में कोर्ट ने सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी को चार साल की सजा सुनाई है। स्याना कोतवाली क्षेत्र के गांव लौंगा में आरोपियों ने फरवरी 2015 में वारदात को अंजाम दिया था। 
 
विज्ञापन
कोर्ट ने चार को सुनाई सजा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्याना कोतवाली क्षेत्र में कुत्ते के भौंकने से नाराज पड़ोसियों ने मालिक पर फरवरी 2015 में जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। इस प्रकरण में अब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधश कोर्ट नंबर चार अभिमन्यु सिंह के न्यायालय ने सभी चार अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। साथ ही उन्हें चार-चार वर्ष का सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। 

विज्ञापन

वादी मुकदमा रिछपाल सिंह निवासी गांव लौंगा थाना स्याना ने दो फरवरी 2015 को स्याना कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि दिन में उनका पुत्र ललित घर के सामने खड़ा हुआ था। तभी गांव निवासी विनोद उर्फ बिन्नू, उसका भाई वीरपाल, पिता होशियार सिंह व चाचा महेंद्र सिंह वहां पहुंचे और वादी के पुत्र के साथ अभद्रता करनी शुरू कर दी। 

आरोपियों का कहना था कि ललित ने जो कुत्ता पाला हुआ है वह आराोपियों को देखकर भौंकता है। वादी के पुत्र ने जब अभद्रता करने का विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर लाठी-डंडो से जानलेवा हमला कर दिया। जिसमें उनके पुत्र के सिर पर गंभीर चोट आने से घायल हो गया। शोर होने पर अन्य लोगों ने उसे बचाया, जबकि आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले।
विज्ञापन

पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह के रूप में वादी मुकदमा, स्वतंत्र साक्षी ललित कुमार, विशेषज्ञ साक्षी डा. अश्वनी कुमार, डा. आशीष प्रकाश, पुलिस साक्षी हेड कांस्टेबल वेदपाल सिंह, उपनिरीक्षक सत्यवीर सिंह और हेड कांस्टेबल उदयवीर सिंह को पेश किया गया। जिस पर न्यायालय ने अब चारों नामजद आरोपियों को दोषी मानते हुए चार-चार वर्ष का कारावास व पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें