वादी मुकदमा रिछपाल सिंह निवासी गांव लौंगा थाना स्याना ने दो फरवरी 2015 को स्याना कोतवाली में तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि दिन में उनका पुत्र ललित घर के सामने खड़ा हुआ था। तभी गांव निवासी विनोद उर्फ बिन्नू, उसका भाई वीरपाल, पिता होशियार सिंह व चाचा महेंद्र सिंह वहां पहुंचे और वादी के पुत्र के साथ अभद्रता करनी शुरू कर दी।
आरोपियों का कहना था कि ललित ने जो कुत्ता पाला हुआ है वह आराोपियों को देखकर भौंकता है। वादी के पुत्र ने जब अभद्रता करने का विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर लाठी-डंडो से जानलेवा हमला कर दिया। जिसमें उनके पुत्र के सिर पर गंभीर चोट आने से घायल हो गया। शोर होने पर अन्य लोगों ने उसे बचाया, जबकि आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले।
पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद नामजद आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाह के रूप में वादी मुकदमा, स्वतंत्र साक्षी ललित कुमार, विशेषज्ञ साक्षी डा. अश्वनी कुमार, डा. आशीष प्रकाश, पुलिस साक्षी हेड कांस्टेबल वेदपाल सिंह, उपनिरीक्षक सत्यवीर सिंह और हेड कांस्टेबल उदयवीर सिंह को पेश किया गया। जिस पर न्यायालय ने अब चारों नामजद आरोपियों को दोषी मानते हुए चार-चार वर्ष का कारावास व पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।