गाजियाबाद। भारतीय असली नोट के बदले तीन गुना ज्यादा जाली मुद्रा देने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के चार शातिरों को क्राइम ब्रांच ने पकड़ने का दावा किया है। गिरोह बैग बदलने के दौरान पुलिस के आने का डर दिखाकर असली नोटों से भरा बैग लेकर फरार हो जाते हैं। शातिर व्हाट्सएप पर संपर्क करके लोगों को वीडियो कॉल करके सौदा करते जाली नोट की सप्लाई करने का झांसा दे रहे थे।
एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए शातिर अंकुर विहार लोनी निवासी वसीम उर्फ राजा, दिल्ली के प्रेमनगर निवासी शब्रेआलम उर्फ समीर उर्फ राहुल, गौतमबुद्धनगर के सेक्टर 113 के गांव सराफाबाद निवासी मोहम्मद अंसार और मेरठ के टीपीनगर निवासी जितेंद्र हैं। शब्रेआलम मूलरूप से बिहार के दरभंगा का रहने वाला है। इनके पास से भारतीय मुद्रा के 500-500 रुपये के नोट के बने जाली 400 नोट, फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। एडीसीपी ने बताया कि 25 जुलाई को नोएडा सेक्टर 112 में एक व्यक्ति से तय सौदे के अनुसार नोट बदलने पहुंचे थे। इसी दौरान नोएडा पुलिस ने इनके साथ जगजीवन उर्फ जग्गु को 45 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस समय ये सभी फरार हो गए थे।
अनिल यादव करता था जाली नोटों की व्यवस्था
पूछताछ में वसीम ने बताया कि अनिल यादव दिल्ली और गुरुग्राम से नकली नोटों की व्यवस्था करता था। अनिल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। वसीम ने बताया कि वीडियो कॉल के जरिये वह सौदा करते थे। इसी दौरान ये कुछ असली नोट को कैस्टोफीन टैबलेट के साथ पानी में डुबाने के बाद सूखा लेते थे। इसके बाद नोट को पार्टी को दिखाने के दौरान नोट पर पानी डाल दिया करते थे। टैबलेट भीगा हुआ नोट हल्का गुलाबी रंग छोड़ता था, जिसे वह भीगा हुआ नोट बताकर बाजार में चलने का भी दावा करते थे। इस दौरान वह लोगों को फर्जी आधार कार्ड दिखाते थे, जिससे वह पकड़े न जा सकें।