गाजियाबाद। ट्रांस हिंडन और सिटी जोन के डीसीपी धवल जायसवाल ने फीडबैक सेल के मूल्यांकन के आधार पर दो उपनिरीक्षकों और दो मुख्य आरक्षियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही काम में लापरवाही बरतने वाले एसीपी नंदग्राम के कार्यालय में तैनात मुख्य आरक्षी को लाइन हाजिर किया गया है।
डीसीपी सिटी और कार्यवाहक ट्रांस हिंडन जोन धवल जायसवाल ने बताया कि जन प्रकोष्ठ और फीडबैक सेल से किए गए मूल्यांकन के बाद नंदग्राम थाने में तैनात उपनिरीक्षक प्रभाकर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि प्रभाकर सिंह ने धोखाधड़ी के मामले की विवेचना के दौरान वादी से मिलीभगत कर एक बेकसूर युवक को आरोपी बना दिया।
एसीपी नंदग्राम कार्यालय में तैनात मुख्य आरक्षी मोहम्मद आलम ने इसकी जानकारी सक्षम अधिकारी को नहीं दी। ऐसे में उपनिरीक्षक प्रभाकर सिंह को निलंबित कर दिया गया है और मुख्य आरक्षी मोहम्मद आलम को लाइन हाजिर किया गया है। इसके साथ ही इंदिरापुरम थाने में तैनात उपनिरीक्षक सुखवीर सिंह को मारपीट के मामले की जांच सौंपी गई थी। आरोप है कि वादी की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराने के बजाय उपनिरीक्षक ने समझौता करा दिया।
सुखवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही कौशांबी थाने में तैनात मुख्य आरक्षी दिनेश कुमार ने सत्यापन करने और शालीमार गार्डन थाने में तैनात मुख्य आरक्षी मकसूद खान को जन प्रकोष्ठ शिकायत का निवारण न करने के मामले में निलंबित कर दिया गया है।