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साइबर ठगी: लालच में आए चार लोगों ने 1.05 करोड़ रुपये गंवाए

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गाजियाबाद। जो लालच में आया, उसने अपना पैसा गंवाया... साइबर अपराध से बचने की इस छोटी सी सीख पर अमल न करने वाले इसकी भारी कीमत चुका रहे हैं। ताजा मामलों में चार लोगों ने 1.05 करोड़ रुपये गंवा दिए। साइबर अपराधियों ने चारों को मोटी कमाई के लालच के जाल में फंसाया और खाता साफ कर दिया। चारों ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस साइबर ठगों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
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लाखों-करोड़ों की कमाई का
झांसा देकर ठगे 56.71 लाख
(केस-1)
शेयर ट्रेडिंग में ऑनलाइन निवेश करने पर हर दिन लाखों-करोड़ों रुपये कमाने के लालच में लिंक रोड के रहने वाले विपुल सिंघल ने 56.71 लाख रुपये गंवा दिए। साइबर अपराधी ने पहले उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। इसमें शेयर ट्रेडिंग के टिप्स दिए और बताया कि वह निवेश करके हर दिन मोटी कमाई कर सकते हैं। इसके लिए उनसे यूएस स्टॉक में निवेश करवाएंगे। उन्हें आईपीओ भी दिलवाया जाएगा। झांसे में आकर उन्होंने निवेश करना शुरू कर दिया। शुरुआत में उन्हें रिटर्न मिला। सितंबर से अक्तूबर तक कई बार में उनसे 56.17 रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में शातिरों ने उनकी प्रोफाइल को ब्लॉक कर दिया।



आनलाइन गेमिंग से कमाई का
लालच दे साफ किए 24.31 लाख
(केस-2)
न्यू पंचवटी के रहने वाले गौरव गुप्ता से साइबर अपराधियों ने 24.31 लाख रुपये ठग लिए। उन्हें 15 अलग-अलग यूपीआई आईडी देकर रकम ट्रांसफर कराई गई। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि इंस्टाग्राम पर उन्हें एक ठग ने अपने साथ जोड़ लिया। बातचीत करने के दौरान उसने उन्हें एक करी जेकपॉट नाम की साइट का लिंक भेजा। उन्हें बताया कि ऑनलाइन गेमिंग और कसीनो में रुपये लगाने के बाद वह काफी कमाई कर सकते हैं। शुरुआत में उन्होंने खेला तो उन्हें जीतने पर थोड़ी-थोड़ी रकम भी मिली। विश्वास होने पर उन्होंने ज्यादा रुपये लगाने शुरू कर दिए। लेकिन जब उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो ट्रांजेक्शन पर रोक लगा दी गई। 33 फीसदी टैक्स देने पर ही रकम वापस करने की बात कही गई। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
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10 फीसदी मुनाफे का लालच
देकर 20.17 लाख रुपये ठगे
(केस-3)
राजेंद्रनगर के रहने वाले कौशल कुमार को साइबर ठगों ने ब्लॉक स्टॉक की ट्रेडिंग करने पर 10 फीसदी तक मुनाफे का झांसा दिया और 20.17 लाख रुपये ठग लिए। शातिरों ने चार बैंक खाते व यूपीआई आईडी देकर रुपये ट्रांसफर कराए। जब उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो शातिरों ने नियम शर्त बताकर और रकम की मांग की। ठगी का एहसास होने पर साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया।



टास्क पूरा करने पर 200
रुपये देकर 4.40 लाख ठगे
(केस-4)
मसूरी। क्षेत्र निवासी प्रकाश कुमार को साइबर ठगों ने टास्क पूरा करने पर कमाई का झांसा देकर 4.40 लाख रुपये ठग लिए। शातिरों ने पहले टास्क पूरा करने पर 200 रुपये देकर विश्वास जीता इसके बाद आईडी बनाकर ठगी शुरू की। रकम वापस नहीं मिलने पर ठगी का एहसास हुआ।

पुलिस को दी शिकायत में प्रकाश कुमार ने बताया कि व्हाट्सएप पर उनके पास इंटरनेट पर टास्क पूरा करने पर कमाई करने का मेसेज आया। शुरूआत में पहला टास्क पूरा करने पर उन्हें 200 रुपये मिले। इसके बाद उन्हें लिंक भेजकर उनकी आईडी बनाई गई। जिसमें 30 फीसदी मुनाफे के साथ रिटर्न देने की बात कही गई। धीरे-धीरे कई बार में उनसे 4.40 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम वापस नहीं मिली तो ठगी का पता चला। मामले में उन्होंने मसूरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। ब्यूरो


पहले कराते हैं कमाई
फिर साफ करते हैं खाता
(सतर्कता में ही सुरक्षा)
इन दिनों साइबर अपराधी मुख्य रूप से तीन तरह से लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। शेयर में निवेश के नाम पर, ऑनलाइन गेमिंग से कमाई के नाम कर और लाइक-कमेंट का टास्क पूरा करने पर पैसे देने का झांसा देकर।

एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद का कहना है कि साइबर अपराधी जिसे जाल में फंसाते हैं, उसे शुरू में थोड़ी कमाई करा देते हैं। किसी को पांच या हजार तो किसी को इससे कुछ ज्यादा। इसके बाद उससे मोटी रकम ठग लेते हैं।



साइबर अपराध से बचने का एक ही तरीका है, ऐसे किसी लिंक किसी मेल किसी मैसेज पर भरोसा नहीं करे जिसे भेजने वाले को आप जानते नहीं है। अगर किसी के साथ ठगी हो जाए तो पुलिस को सूचना तत्काल दें।
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