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Ghaziabad News: सेवानिवृत्त एनटीपीसी कर्मचारी सहित चार लोगों से 40.26 लाख की ठगी

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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त समेत चार लोगों से 40.26 लाख रुपये की ठगी कर ली। नीति खंड प्रथम में रहने वाले एनटीपीसी से सेवानिवृत्त वृद्ध के मोबाइल फोन पर एपीके फाइल भेजकर खाते से 12.66 रुपये ट्रांसफर कर लिए, जबकि वसुंधरा में रहने वाले रवि रंजन से टेलीग्राम टॉस्क के जरिये 6.74 लाख रुपये की ठगी कर ली। मानसरोवर लालकुआं पर रहने वाले अंकुर से 5.86 और वैशाली में रहने वाले लक्ष्मण सिंह नेगी से एपीके फाइल भेजकर 15 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम क्षेत्र के नीति खंड प्रथम में रहने वाले विनोद कुमार एनटीपीसी से सेवानिवृत्त हैं। विनोद कुमार के मुताबिक उनके मोबाइल फोन पर नौ जनवरी को कॉलर ने कॉल कर खुद को आईजीएल कंपनी का प्रतिनिधि बताया। कॉलर ने बताया कि उनके द्वारा किया गया भुगतान अमान्य है। ऐसे में भुगतान को अपडेट करना होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसके बाद साइबर ठग ने उनके मोबाइल पर आईजीएल नाम से एपीके फाइल भेजी और इसे डाउनलोड करने पर भुगतान अपडेट करने को कहा। जैसे ही उन्होंने एपीके फाइल डाउनलोड की उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया गया। इसके बाद नौ से 10 जनवरी 2026 तक उनके बैंक खाते से करीब दो दर्जन ट्रांजक्शन कर 12 लाख 66 हजार 129 रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिए गए। पीड़ित ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। साइबर ठगों ने दूसरी ठगी इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के वसुंधरा सेक्टर पांच में रहने वाले रवि रंजन सिंह के साथ की। रवि रंजन के मुताबिक एक अनजान कॉलर ने कॉल कर अपना नाम विजय रामाचंद्रन बताया। विजय ने उनसे बातचीत का सिलसिला जारी किया और घर बैठे कमाई करने की बात कही। इसके बाद उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया। जहां प्रीपेड टॉस्क पूरे करने पर रवि रंजन ने 58 हजार रुपये कमाए। रंजन सिंह के मुताबिक उन्हें फिर टेलीग्राम ग्रुप बैकरोड्स एडवरटाइजिंग से जोड़ा गया। जहां उन्होंने लगातार टॉस्क पूर्ण किए और छह लाख 74 हजार 538 रुपये गवां दिए। पीड़ित ने साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। एडीसीपी अपराध ने बताया कि दोनों मामलों में बैंक खातों के ब्यौरे की जांच की जा रही है। जल्द ही साइबर ठगों को पहचान कर ली जाएगी।
इंटरनेट बैंकिंग सेवा देने का झासा दे 15 लाख ठगे

एडीसीपी अपराध ने बताया कि कौशांबी थाना क्षेत्र के वैशाली सेक्टर दो में रहने वाले लक्ष्मण सिंह नेगी ने बताया कि उन्हें 11 जनवरी को एक अनजान कॉलर ने कॉल की। कॉलर ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताया। झांसा दिया कि 24 घंटों के अंतराल में आपकी इंटरनेट बैंकिंग शुरू हो जाएगी। इसके लिए भेजी गई एपीके फाइल में महत्वपूर्ण जानकारी भेज दें। एपीके फाइल भेजते ही लक्ष्मण सिंह नेगी को मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद साइबर ठगों ने कई ट्रांजक्शन में खाते से 15 लाख रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिए।
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पैसा डबल का दिया झांसा, 5.86 लाख गंवाए
मानसरोवर पार्क लालकुआं पर रहने वाले अंकुर कुमार ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। बताया कि फेसबुक पैसे डबल करने का विज्ञापन देखकर उस पर लिखे नंबर पर काॅन्टेक्ट किया। जहां अनन्या शर्मा नाम की युवती ने बताया कि वह शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर लागत धनराशि का डबल मुनाफा दिलाएंगे। अंकुर ने उनकी बातों में आकर शेयर ट्रेडिंग में फर्जी मोबाइल एप पर निवेश करना शुरू किया। पीड़ित ने 5.86 लाख रुपये निवेश किए तो उनके डी-मैट खाते में 31 लाख रुपये का मुनाफा दर्शाया गया। जब उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो अनन्या शर्मा ने अतिरिक्त 20 लाख रुपये जमा करने का दबाव बनाया। पीड़ित के मुताबिक अनन्या शर्मा अभी तक उन पर 10-10 लाख दो ट्रांजक्शन में रुपये जमा करने का दबाव बना रही है। पीड़ित ने बताया कि साइबर ठगों ने उनके 5.86 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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