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चार मरीजों की पुष्टि, संक्रमण मुक्त होने पर छह डिस्चार्ज  -

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- चार मरीजों की पुष्टि, संक्रमण मुक्त होने पर छह डिस्चार्ज  - तीन  मौत के मामले में विभाग ने किया इंकार - स्वास्थ्य विभाग ने एक दिल्ली निवासी व दो के बारे में जताई अनभिज्ञता  माई सिटी रिपोर्टर  गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चार नए मामलों की पुष्टि हुई है। संक्रमण मुक्त होने के बाद छह मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है। हालांकि कोरोना संक्रमित तीन मरीजों की मौत होने के साथ ही सात और मरीजों की पुष्टि हुई है, लेकिन  स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक आंकड़े में दर्ज नहीं किया है। मरने वालों में कैंसर पीड़ित दो महिलाएं व एक यूपी पुलिस का रिटायर्ड कांस्टेबल था। एक महिला नेहरू नगर की रहने वाली थी, जबकि एक महिला इंदिरापुरम के पते से रेफर की गई थी। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वह दिल्ली की रहने वाली है। वहीं पर उसकी जांच भी हुई थी। दिल्ली में भर्ती न किए जाने पर संजय नगर के लिए बुलाया गया था, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर मेरठ मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया था।  नेहरू नगर में रहने वाली महिला भी कैंसर से पीड़ित थी। उन्हें दिल्ली में भर्ती कराया गया था, वहीं पर मौत होने के बाद अंतिम संस्कार किया गया। विभाग के आंकड़े में जोड़े गए पॉजिटिव तीन मरीजों की रिपोर्ट सोमवार को आई थी, विभाग ने उन्हें मंगलवार को दर्ज किया। इनमें एक मरीज मुरादनगर का है, दो मरीज पति-पत्नी वैशाली सेक्टर छह के रहने वाले हैं। चौथा मरीज लोनी के हाजीपुर का है। कौशांबी में रहने वाले एक ही परिवार के पांच सदस्य कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। सभी की जांच प्राइवेट लैब में हुई थी। परिवार का मुखिया शराब कारोबारी है। सभी मैक्स साकेत में भर्ती हैं। इसके अलावा वैशाली सेक्टर-5 निवासी युवक, खोड़ा के  अजंता पार्क निवासी श्रमिक,  वसुंधरा सेक्टर 14 सिंडीकेट आवास निवासी दिल्ली के सिंडीकेट बैंक का प्रबंधक, लोहिया नगर के बी ब्लॉक निवासी युवक पॉजिटिव आने के बाद ईएसआई राजेंद्र नगर में भर्ती कराए गए हैं। युवक का तीन दिन पहले हाइड्रोशील का आपरेशन नेहरू नगर स्थित अस्पताल में हुआ था। सेक्टर नौ निवासी 45 वर्षीय महिला को संजय नगर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन सभी मरीजों को परिजनों को क्वारेंटीन किया जा रहा है।  सीएमओ डा. एनके गुप्ता ने बताया कि जिस महिला की मौत मेरठ में हुई है, वह दिल्ली के पटपड़गंज में रहती थी। दिल्ली में किसी भी अस्पताल में भर्ती करने की जगह नहीं मिल रही थी, तो परिजनों ने भर्ती कराने के लिए कहा था। इसलिए उसे कोविड लेवल-2 में भर्ती कराने के लिए बुलवाया था, लेकिन तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण मेरठ मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। हालांकि परिजनों ने उसका पता इंदिरापुरम के न्याय खंड लिखवाया था, वहां पर महिला के रिश्तेदार रहते हैं। प्रताप विहार में रहने वाले रिटायर्ड पुलिस कर्मी की डायलिसिस चल रही थी। उसकी दो मई को रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। तब से वह दिल्ली में ही भर्ती थे। कांस्टेबल ने बीमारी के चलते एक साल पहले ही  स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ली थी। नेहरू नगर में रहने वाली कैंसर पीड़ित 45 वर्षीय महिला का इलाज नेहरू नगर अस्पताल में चल रहा था। कोरोना पॉजिटिव होने के बाद मैक्स साकेत रेफर कर दिया गया था। जहां उनकी मौत हो गई।  अस्पताल बना दूसरा कोरोना बम जिले में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद अगर देखा जाए तो शहर का एक बड़ा अस्पताल कोरोना बम बन चुका है। अब तक इस अस्पताल में 13 मरीजों में पुष्टि हो चुकी है, जिसमें एक महिला की मौत भी हो चुकी है। हालांकि मृतकों की संख्या अधिक है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इतनी सतर्कता बरत रहा है कि जैसे ही मरीज में संक्रमण की पुष्टि होती है तत्काल डिस्चार्ज करके भेज दिया जाता है या स्थिति गंभीर होती है तो रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल के ही एक स्टाफ ने बताया कि अभी तक कई स्टाफ भी संक्रमित हो चुके हैं, लेकिन इसके बारे में पूरी जानकारी गोपनीय रखी जाती है। कई मरीजों के परिजन भी आरोप लगा चुके हैं कि घर से आने पर मरीज में संक्रमण नहीं था, लेकिन भर्ती करने के बाद संक्रमित हो गए। अस्पताल की ऊंची रसूख के चलते अधिकारी भी कार्रवाई करने से पूरी तरह से बचने की कोशिश करते हैं। हालांकि बात करने पर कार्रवाई का आश्वासन भी देते हैं।  --------------- आशुतोष यादव 
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