फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: धर्मकांटे में चिप लगाकर लोहा चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। धर्मकांटे में चिप लगाकर लोहा चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लोहा ले जाने में प्रयुक्त ट्रक और करीब 42 हजार किलो सरिया बरामद हुआ है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुसर्रफ निवासी गुगराला, हाफिजपुर, हापुड़, ओसामा निवासी बिजली बंबा बाईपास, मेरठ, इमरान निवासी रसूलपुर, गुलावठी, बुलंदशहर और प्रशांत निवासी बीकूपुर, बिदुना, औरैया के रूप में हुई है।
विज्ञापन


एसीपी कविनगर सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि यह गिरोह निर्माण कार्य के लिए लोहा मंगाने वाली फर्मों को चूना लगा रहा था। तरीका यह था कि किसी कंपनी अथवा डीलर से लोहा लेकर जहां पहुंचाना होता था, उसके बीच रास्ते में धर्मकांटे पर वाहन को रोक लेते थे। वहां तय मात्रा में लोहा उतारकर गोदाम में रख देते थे। इसके बाद धर्मकांटे पर चिप लगाकर वजन को पूरा दिखा देते थे। पूरे वजन की पर्ची दिखाकर लोहा मंगाने वाली फर्म को विश्वास दिला देते थे कि माल पूरा पहुंचा है। इस तरह वह हर ट्रिप पर कई क्विंटल लोहा चोरी कर लेते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पिछले तीन साल से इस धंधे में लिप्त हैं। वेव सिटी इलाके में करीब एक साल पहले भी धर्मकांटे में चिप लगाकर सरिया चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा गया था। पुलिस अब नए पकड़े गए आरोपियों के तार उस पुराने गिरोह से जोड़कर भी जांच कर रही है। जिस धर्मकांटे की पर्ची आरोपियों से बरामद हुई है, उसके संचालक और वहां काम करने वाले स्टाफ की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन



गोदाम में माल उतारते समय मिली थी सूचना
एसीपी ने बताया कि आरोपियों को बागपत के नेथली में सरिया लेकर जाना था। गोपनीय सूचना मिली थी कि वे कविनगर क्षेत्र में बनाए गए एक गोदाम में माल उतार रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। गोदाम के बारे में उन्हें राजकुमार उर्फ राजू निवासी बुलंदशहर, लोकेश शर्मा निवासी शास्त्रीनगर, गाजियाबाद और आफताब निवासी डासना ने जानकारी दी थी। उन्हीं के कहने पर गोदाम में माल उतारा जा रहा था। योजना के अनुसार यहां से माल उतारने के बाद दूसरा वाहन आना था, जिसमें लोहा भरकर बेचने के लिए भेजा जाना था।

पुलिस के अनुसार राजकुमार और आफताब पहले भी चिप लगाकर सरिया चोरी करने के मामले में जेल जा चुके हैं। उन्होंने ही इस गिरोह को सप्लाई से लेकर चोरी और बिक्री तक की पूरी जानकारी दी थी। चोरी के सरिये को बेचने से जो पैसा आता था, उसे सभी आपस में बांट लेते थे। पुलिस अब फरार चल रहे राजू, आफताब और लोकेश की तलाश में दबिश दे रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें