गाजियाबाद। पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ और सहारनपुर मंडल की आठ सीटों पर एक भी ऐसी नहीं है जिस पर मुकदमों के दाग वाला कोई उम्मीदवार नहीं हो। किसी पर चार एफआईआर दर्ज हैं तो किसी के खिलाफ आठ। सभी प्रमुख दलों ने ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं। इन पर आचार संहिता उल्लंघन से लेकर हत्या जैसे संगीन जुर्म के मुकदमे भी दर्ज हैं। उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र में सभी मुकदमों का विस्तृत ब्योरा दिया है। किसी उम्मीदवार पर किस जुर्म के और कितने केस दर्ज हैं, इसका ब्योरा चुनाव आयोग के एप नो योर कैंडिडेट (केवाईसी) पर देखा जा सकता है। इसमें उम्मीदवार का पूरा नामांकन पत्र है। मुकदमों की स्थिति का भी विवरण दिया गया है।
गाजियाबाद
उम्मीदवार 14
मुकदमा एक पर
ये हैं कांग्रेस की डाॅली शर्मा। उनके खिलाफ सास ने मकान कब्जाने का केस दर्ज करा रखा है। डाॅली शर्मा का कहना है कि इस पर उन्हें उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) मिला हुआ है।
गौतमबुद्धनगर
उम्मीदवार 15
मुकदमे तीन पर
सपा प्रत्याशी डॉ. महेंद्र सिंह नागर पर धोखाधड़ी का एक मामला बिसरख थाने में दर्ज है। निर्दलीय प्रत्याशी महकार सिंह पर बादलपुर थाने में जानलेवा हमले, धमकी देने व हरे पेड़ उखाड़कर ले जाने का केस दर्ज है। भारतीय राष्ट्रीय जनसत्ता के प्रत्याशी नरेश नौटियाल के खिलाफ धमकी देने व मारपीट के आरोप में बिसरख थाने में केस दर्ज है।
बुलंदशहर
उम्मीदवार छह
मुकदमे दो पर
ऋषिवादी कर्मशील युवा परमार्थी पार्टी के राजेश तुरैहा पर नौचंदी थाने में धर्म, जाति के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। वहीं भाजपा के डॉ. भोला सिंह पर कोतवाली में मारपीट और बलवे का केस दर्ज है। यह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में विचाराधीन है।
मेरठ
उम्मीदवार आठ
मुकदमे दो पर
सबसे अच्छी पार्टी के उम्मीदवार हाजी अफजाल पर नौचंदी थाने में दो मामले मारपीट व धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज हैं, दोनों में स्थगन आदेश है। जबकि सपा प्रत्याशी सुनीता वर्मा पर आचार संहिता का उल्लंघन का एक मामला परीक्षितगढ़ थाने में दर्ज है।
बागपत
उम्मीदवार सात
मुकदमे तीन पर
सपा प्रत्याशी अमरपाल शर्मा पर हत्या, शराब बरामदगी, हत्या का प्रयास, आचार संहिता का उल्लघंन, गैंगेस्टर, भूमि पर कब्जा करने समेत कुल नौ मामले दर्ज हैं। सात में आरोप पत्र दाखिल हो चुका हैं। रालोद के डॉ. राजकुमार सांगवान पर तीन केस दर्ज हैं। एक केस में सरकारी कार्य में बाधा डालने में आरोप पत्र दाखिल हो चुका है, जबकि भूमि विवाद और अधिकारी पर हमले के केस में आरोप पत्र पेश नहीं हुआ है। बसपा प्रत्याशी प्रवीण बंसल पर दिल्ली के ज्योतिनगर थाने में जालसाजी का केस दर्ज है।
सहारनपुर
उम्मीदवार 10
मुकदमे चार पर
कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद पर उत्तेजित चुनावी भाषण देने, जातिसूचक शब्द बोलने, पुतला फूंकने, सड़क जाम करने, बैंक से रुपये ट्रांसफर करने में फर्जीवाड़े, महामारी अधिनियम, चुनाव में अवैध धन खर्च करने, गलत टिप्पणी करने के कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। बसपा प्रत्याशी माजिद अली पर चेक बाउंस, धोखाधड़ी और आचार संहिता उल्लंघन के चार केस दर्ज हैं। निर्दलीय प्रत्याशी शबनम पर गाली देने, पुतला फूंकने और आपसी लेन-देन में विवाद के केस दर्ज हैं। निर्दलीय तसमीम बानो पर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज है।
मुजफ्फरनगर
उम्मीदवार 11
मुकदमे चार पर
भाजपा के संजीव बालियान पर महामारी अधिनियम, सरकारी कार्य में बाधा डालने का एक मामला दर्ज है। बसपा के दारा सिंह प्रजापति पर भड़काऊ भाषण देने, मेरठ विकास प्राधिकरण की ध्वस्तीकरण कार्रवाई रोकने, सड़क पर धरना प्रदर्शन करने के चार केस दर्ज हैं। समाजवादी पार्टी के हरेंद्र सिंह मलिक पर उपद्रव करने की आशंका का परिवाद दर्ज है। जय समता पार्टी के नील कुमार पर मानहानि, धमकी देने और आपराधिक षडयंत्र रचने का केस दर्ज है।
कैराना
उम्मीदवार 14
मुकदमे दो पर
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के जाहिद पर नागरिकता संशोधन बिल का विरोध, आपसी सामंजस्य को बिगाड़ना, वैमनस्यता बढ़ाने का एक मामला दर्ज है। भाजपा के प्रदीप कुमार पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सार्वजनिक स्थल को नुकसान पहुंचाने, गलत तरीके से व्यक्ति को रोकने के दो मामले नकुड़ व सरसावा थाने में दर्ज हैं।