कोर्ट में एक मामले में पेश न होने पर निवाड़ी थाने की पूर्व थानाध्यक्ष को एक घंटे कोर्ट में बैठा दिया। पूर्व पुलिस अधिकारी को एक घंटे बाद वारंट रिकॉल कर भेज दिया गया। उनके अधिवक्ता नरेश यादव का कहना है कि वर्ष 2016 में निवाड़ी थाने में एक छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में डाग स्क्वाड की मदद से पुलिस ने एक आरोपी अरुण गुप्ता को पकड़ा था। अरुण पर पुलिस ने रासुका भी लगाने की तैयारी की थी, लेकिन बिना जमानत डाले रासुका की कार्रवाई संभव नहीं थी। आरोप है कि पुलिस ने ही एक व्यक्ति को आरोपी का दोस्त बनाया और जमानत दाखिल करा दी थी। आरोपी को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने कोर्ट में इस मामले की शिकायत कर दी। मामले में कोर्ट में पेश न होने पर तत्कालीन थानाध्यक्ष आरती सोनी के गैर जमानत वारंट जारी किये गए। शुक्रवार को आरती सोनी कोर्ट में वारंट रिकॉल कराने पेश हुई। एक घंटे के लिए एडीजे पाक्सो कोर्ट में उन्हें एक घंटे कोर्ट में ही बैठने का आदेश दिया। बाद में वारंट रिकाल की प्रक्रिया पूरी हुई।