गाजियाबाद। साइबर ठगों ने बीएसएनएल के सेवानिवृत्त उपमहाप्रबंधक (डीजीएम) से शेयर ट्रेडिंग में फर्जी ग्रुप में निवेश कराकर 11.55 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित ने फाइनेंस विशेषज्ञ बताने वाले नादिर वर्मा और अमेरिका की एक बहुराष्ट्रीय निवेश कंपनी में महाप्रबंधक बताने वाली लीला को नामजद कर साइबर ठगों के खिलाफ तहरीर दी है।
एडीसीपी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि ट्रांस हिंडन क्षेत्र के वैशाली में रहने वाले केंद्र सरकार के पेंशनभोगी तेजपाल सिंह के मुताबिक 23 अक्तूबर 2025 को उन्हें व्हाट्सअप पर मैसेज भेजा गया। इसमें डी मार्केट वोलैटिलिटी रिसर्च ग्रुप में शामिल होने का लिंक था। इस ग्रुप में प्रतिदिन शाम के सात बजे खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताने वाले नादिर वर्मा ग्रुप से जुड़े 160 सदस्यों को शेयर बाजार की बारीकियों के बाबत जानकारी देते थे।
उन्होंने बताया कि जानकारी के अभाव में शेयर ट्रेडिंग में नुकसान होने का दावा किया। साथ ही एक ब्रोकर से जुड़ने और 300 से 500 प्रतिशत मुनाफा कमाने का दावा किया। इनके साथ खुद को अमेरिका की एक बहुराष्ट्रीय निवेश कंपनी में महाप्रबंधक और प्जेना ग्रुप की सदस्य लीला को ग्रुप में जुड़ने वालों के लिए अधिकृत किया।
लीला ने आमंत्रण कोड भेजा और सत्यापन कर उन्हें प्जेना ग्रुप से जोड़कर निवेश करने का दबाव बनाया। एसबीआई और एक्सिस बैंक से उन्होंने 17 लाख 55 हजार रुपये निवेश किए। दोनों आरोपियों का दावा था कि वह भारतीय और अमेरिकी शेयरों में निवेश कर रहे हैं। उन्होंने आईपीओ दिसंबर माह में लॉन्च होने का दावा किया। दिसंबर के पहले सप्ताह में पीड़ित सहित 40-50 सदस्यों को दूसरे ग्रुप से जोड़ा और बताया कि भारतीय शेयर बाजार पर उनकी नई पुस्तक का विमोचन जनवरी 2026 को होगा। इसकी एवज में बड़ी धनराशि निवेश करने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर पीड़ित को दूसरे ग्रुप से जोड़ दिया गया। एसीपी ने बताया कि पीड़ित से 17.55 लाख रुपये निवेश कराकर साइबर ठगों ने ठगी कर ली। पीड़ित ने कुछ स्क्रीन शॉट और बैंक ट्रांजक्शन का के सुबूत मुहैया कराए हैं। जांच की जा रही है, जल्द ही साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।