गाजियाबाद। ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिये धर्मांतरण के मामले में बद्दो लगातार फरार चल रहा है। एक तरफ तो उसका परिवार पुलिस की गिरफ्त में आने से बचाने के लिए एक भाई उसकी अग्रिम जमानत के लिए प्रयायराज और गाजियाबाद में संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ परिवार पुलिस को गुमराह भी कर रहा है। बद्दो के दूसरे भाई ने बद्दो को 24 घंटे में बुलवाने की बात भी पुलिस से कही थी, लेकिन उसने नहीं बुलाया। वहीं, दबिश के दौरान बद्दो ने पुलिस को मेसेज दिया था कि मुंबई के मुम्ब्रा में वह बृहस्पतिवार को सरेंडर करेगा। पुलिस ने वहां घेराबंदी की लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। बद्दो लगातार इंटरनेट का इस्तेमाल करके ऑनलाइन किराये पर कार लेकर लोकेशन बदल रहा है।
डीसीपी नगर निपुण अग्रवाल का कहना है कि बद्दो की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हैं। उससे पूछताछ के बाद ही जांच आगे बढ़ेगी।
समिति से निकाले जाने के बाद भी शिकायती पत्र पर कराए हस्ताक्षर
संजयनगर सेक्टर-23 की जामा मस्जिद की प्रबंधन समिति भी शक के डायरे में आई है। प्रबंध समिति ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मार्च में ही अब्दुल रहमान को समिति से निकाल दिया था जबकि समिति के व्हाट्सएप ग्रुप में वह लगातार सक्रिय था। इसके अलावा मई में पुलिस को दी गई शिकायती पत्र पर समिति ने उसके हस्ताक्षर कराए थे। ऐसे में कमेटी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया है। वहीं, मामले में केस दर्ज होने के बाद समिति ने दो जून को अब्दुल रहमान को व्हाट्सएप ग्रुप से निकाला था।
परिजनों का भी धर्म परिवर्तन कराने के लिए उकसाया
बद्दो ने किशोरों को इस तरह ब्रेनवॉश कर दिया था कि किशोरों ने अपने परिजनों को भी धर्म परिवर्तन करने के लिए प्रेरित किया। परिजनों ने इसका विरोध किया तो किशोरों ने घर से भाग जाने की धमकी दी थी।
पुलिस ने अभी तक की रिपोर्ट शासन को भेजी
शासन ने धर्मांतरण मामले की पूरी रिपोर्ट गाजियाबाद पुलिस से मांगी। पुलिस ने अभी तक की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।