हंसने और खेलने की उम्र में 12 वर्षीय महक हर रोज मौत से जंग लड़ रही है। उसे एनएचएल कैंसर है, जिसका इलाज चल रहा है। जिंदगी की जद्दोजहद के बीच शनिवार को महक उस समय खुशी से चहक उठी जब उसकी एक ख्वाहिश पूरी हुई।
महक हमेशा अपने अब्बू (पिता) से कहती थी कि वह फाइव स्टार होटल में खाना खाना चाहती है, मगर गरीब पिता अपनी बच्ची की इस ख्वाहिश को चाहकर भी पूरा नहीं कर पा रहे थे। शनिवार को संस्था ‘मेक अ विश’ और कौशांबी स्थित रेडिसन ब्लू होटल की मदद से महक की यह ख्वाहिश पूरी हो गई।
दिल्ली स्थित जगतपुरी निवासी 12 वर्षीय महक के व्हॉइट ब्लड सेल्स अब शरीर के संक्रमण (इंफेक्शन) से नहीं लड़ पाते हैं। कैंसर ने महक के इम्यून सिस्टम पर असर डाला है। आम बच्चों की तरह वह खेलकूद भी सकती। ककक्षा सात में पढ़ रही महक पढ़ाई में काफी अच्छी है।
सोमवार से एम्स दिल्ली में महक की कीमोथेरेपी शुरू होने वाली है। अम्मी रेशमा और अब्बू मो. सईद ने बताया कि उनकी बेटी बेहद जिंदादिल है। घर के बाहर गली में अपने दोस्तों के साथ खेलना चाहती है, लेकिन सेहत खेलते नहीं देती। वह चाहते हैं कि उनकी बेटी बगैर दर्द चैन की नींद ले सके, जिसे लंबा वक्त हो गया है।
मेक अ विश फाउंडेशन ने महक की ख्वाहिश पूरी कर उसके चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। संस्था के सदस्य विशाल ने बताया कि महक की ख्वाहिश पूरी करने के लिए होटल प्रबंधन से संपर्क किया गया और उसकी इच्छा पूरी की गई।
रेडिसन ब्लू होटल के वरिष्ठ अधिकारी एआर दत्ता ने बताया कि होटल मैनेजमेंट मेक अ विश फाउंडेशन के साथ मिलकर कैंसर पीड़ितों की ख्वाहिश का पता लगाकर उसे पूरा करती है। इस दौरान हेमंत मेहता, सुनीता रायजादा, आदित्य राज दत्ता, विशाल आदि मौजूद रहे।