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Ghaziabad News: निवेश के नाम पर पांच लोगों से 1.29 करोड़ की ठगी

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गाजियाबाद। शेयर बाजार और टेलीग्राम पर टास्क पूरा करके मोटी कमाई होने के लालच में ठगों ने पांच लोगों से 1.29 करोड़ की ठगी कर ली। मुरादनगर के शहजाद ने तो लोन लेकर भी ठगों को रकम भेज दी। उन्होंने कुल 49 लाख रुपये गवां दिए। सभी मामलों में साइबर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
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केस-1
निवेश कराने के नाम पर 24.20 लाख की ठगी :
वसुंधरा सेक्टर आठ निवासी उमेश चंद को ठगों ने निवेश कराने के नाम पर 24.20 लाख की चपत लगा दी। उमेश चंद ने बताया कि उनके व्हाट्सएप पर लिंक आया था। उसमें निवेश करके कमाई होने की बात लिखी थी। जब उन्होंने आगे की बात शुरू की तो ठगों ने उनको एप डाउनलोड करा दिए। इस दौरान कई ग्रुपों से उनको जोड़ दिया गया। एक ऐसे ग्रुप से भी उनको जोड़ा गया, जिसमें 125 लोग पहले से जुड़े हुए थे, उसमें कई लोग निवेश की जानकारी लेने की बात कह रहे थे तो कुछ अपने अपने फायदे के बारे में बता रहे थे। उनकी बातों पर विश्वास करके उन्हाेंने दिए गए खाते में शुरूआत में दो लाख रुपये भेज दिए। इसके बाद उनको पांच फीसदी का फायदा वॉलेट में दिखने लगा। फिर उनका लालच बढ़ गया और उन्होंने ठगों के बताए अनुसार 14 खातों में 24.20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठग उनसे और पैसा भेजने को कह रहे थे, लेकिन जब उनको पैसा वापस नहीं मिला तो उन्होंने और पैसा नहीं भेजा।
केस-2
26.97 लाख रुपये गंवाए
खुद को फैशन डिजाइनर बताकर ठग ने दयानंद नगर के रविंद्र कुमार से 26.97 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। रविंद्र कुमार ने बताया कि उनके व्हाटसएप पर मैसेज आया। उसने अपना नाम रितिका और पेशा फैशन डिजाइनर बताया। उसने बातचीत शुरू की। फैशन डिजाइनिंग में करियर बनाने के अलावा महिला ने कहा कि वह निवेश भी करातीं है। उसकी बातों पर भरोसा करके उन्होंने 20 हजार रुपये दिए गए खाते में भेज दिए। इसके बदले उनको कुछ पैसा मिला। विश्वास बढ़ने पर उन्होंने 12 बार में 26.27 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पैसा लौटाने के नाम पर ठगों ने उनसे टैक्स की राशि जमा करने को कहा। जब उन्होंने और पैसा नहीं भेजा तो ठग ने उनसे संपर्क तोड़ दिया।
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केस-3
फेसबुक पर की दोस्ती, 40 हजार के बदले दिए 50 हजार और फिर ठग लिए 23 लाख :
वीवीआईपी के सुबोध त्यागी को फेसबुक पर खुद को रिया जयसवाल बताने वाली ठग से चैट करना महंगा पड़ गया। साइबर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में सुबोध त्यागी ने बताया कि फ्रेंड लिस्ट में जुड़ने के बाद ठग ने लंबी बातचीत की। फिर कहा कि उसने निवेश करके अच्छा लाभ कमाया है। उसकी बातों में आकर उन्होंने पहले 40 हजार रुपये दिए गए खाते में भेज दिए। इसके बदले 10 दिन बाद उनको 50 हजार रुपये मिले। इसके बाद उनका विश्वास बढ़ गया। इसके बाद कथित रिया के कहने पर उन्होंने 10 बार में 23.50 लाख रुपये अपने अलग अलग खाते में ट्रांसफर करा लिया। जब उन्होंने रुपया निकालने का प्रयास किया तो कथित रिया उनसे 30 फीसदी टैक्स लगने की बात कहकर और पैसा भेजने को कहने लगी। जब उसको लगा कि उसको और पैसा मिलने वाला नहीं है तो उसने उनको ब्लाक कर दिया।
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केस-4
घर बैठे कमाई के लालच में 6.70 की ठगी :
टेलीग्राम पर टास्क पूरा करके घर बैठे कमाई होने का लालच देकर ठगों ने पटेलनगर के दीपक कुमार से 6.70 लाख रुपये की चपत लगा दी। दीपक कुमार ने बताया कि व्हाटसएप पर एक लिंक आया था। उसके खोलने पर टास्क पूरा करके कमाई होने की बात लिखी थी। उसके जरिये ठगों ने उनसे बात शुरू कर दी। शुरूआत में उनको एक टास्क दिया गया, जिसके पूरा करने पर उनको 160 रुपये भेजे गए। फिर उन्होंने एक टास्क पूरा करने को और दिया, जिसे पूरा करने पर 50 रुपये मिले फिर ठगने ने उनसे कुछ पैसा भेजने को कहा। जब उन्होंने साढ़े 14 हजार रुपये ठगों के खाते में भेज दिए। इसके बाद ठगों ने उनको कोई पैसा नहीं लौटाया। वह और निवेश करने के लिए कहते रहे। उनकी बातों में आकर उन्होंने ठगों को 11 बार में 6.70 लाख रुपये भेज दिए। जो एप उनको डाउनलोड कराया गया था, उसमें धनराशि दिखाई दे रही थी, लेकिन एक भी पैसा वह निकाल नहीं पा रहे थे। ठग उनसे और पैसा भेजने को कह रहे थे। उनके पास और पैसा नहीं बचा था।
केस-5
लोन निकालकर भी ठगों को भेजी रकम, गवां दिए 49 लाख : मुरादनगर की क्च्ची सराय निवासी शहजाद ने साइबर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि शेयर बाजार सीखने के लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखा था। फिर उनको एक लिंक मिला। उसमें शेयर बाजार से जुड़ी कुछ बाते लिखी थीं। बात आगे बढ़ने पर उन्होंने एप डाउनलोड किया। इसके बाद ठग उनसे रकम ट्रांसफर कराते रहे और एप में उनको रकम बढ़ने की जानकारी ठग देते रहे। इसी लालच में उन्होंने पहले अपने पास से और बाद मेें उधार लेकर भी ठगों के खाते में पैसा भेज दिया। जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो ठग उनसे और पैसा भेजने को कहने लगे। इसके बाद उन्होंने 15 लाख रुपये बैंक से लोन लेकर भी ठगों को पैसा भेज दिया। 40 बार में उन्होंने कुल 49 लाख की रकम ठगों को भेज दी। इसके बाद ठगों ने फोन उठाना बंद कर दिया। उनके नंबर ब्लाक कर दिए गए।
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मामलों में रिपोर्ट दर्जकर जांच कराई जा रही है। खातों के आधार पर आरोपियों की पहचान जुटाई जा रही है। पुलिस की पांच टीमें इन घटनाओं पर काम कर रही हैं।
- सच्चिदानंद, एडीसीपी, क्राइम, गाजियाबाद

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